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भारत-पाक की लड़ाई में चीन बनेगा भारत का रक्षा कवच, सैनिकों के बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए चीनी कंपनियां सप्लाई करेंगी माल

इन जैकेटों के लिए 40 फीसदी कच्चा माल चीन से होगा आयात

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नई दिल्ली.

आंतक को पनाह देने वाले पाकिस्तन का खास दोस्त चीन अब भारतीय सैनिकों का रक्षा कवच बनेगा। भारतीय सैनिकों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने में लगने वाला माल चीनी कंपनियों से आयात किया जाएगा। भारतीय सेना ने सैनिकों के बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए 639 करोड़ रुपए का ऑर्डर दिया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा चीनी कंपनियों को मिलेगा। सेना के लिए 1,80,000 जैकेट बनाने का ठेका भारतीय कंपनी SMPP को मिला है, जिसके प्रमुख आयातकों में चीनी कंपनियां शामिल हैं।

 

 

40 फीसदी माल आएगा चीन से

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक सैनिकों के लिए 1,80,000 जैकेटों के ऑर्डर दिया गया है। इस पर 639 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इन जैकेटों में लगने वाले 40 फीसदी माल को चीन से आयात किया जाएगा। इसमें फ्रैब्रिक और बोरोन कार्बाइड पावडर शामिल है। ET के मुताबिक जब SMPP ने इस ऑर्डर के लिए बोली लगाई थी तो उसने यूरोप और अमेरिकी कंपनियों के माल से बनीं जैकेट्स पेश की थीे, लेकिन ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी ने चीनी कंपनियों से माल लेना शुरू किया। इस बारे में SMPP का कहना है कि सप्लायर्स बदल जाने से जैकेट्स की क्वालिटी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

चीनी कंपनियों को दिए जा चुके हैं 26 करोड़ रुपए

ET के मुताबिक SMPP को कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद से अब तक एक साल में बीजिंग के चांगपिंग जिले की कई कंपनियों को 26 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं और उन कंपनियों ने कच्चा माल भी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भेज दिया है। SMPP को अब तक इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए 60 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।

जैकेट्स का होगा क्वालिटी चेक

अधिकारियों के मुताबिक जैकेट्स की पहली खेप में 10,000 पीस आए हैं और इनका क्वालिटी चेक किया जा रहा है। इन जैकेट्स के लिए माल सप्लाई करने वाली चार कंपनियों में से सबसे बड़ी कंपनी Beijing Protech New Material Science Company Ltd. के प्रोफाइल के मुताबिक कंपनी 2003 में शुरू हुई थी और इसके कुल निर्यातों में से 45 फीसदी मिडिल ईस्ट और 10 फीसदी निर्यात दक्षिण एशियाई कंपनियों को किया जाता है।

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