Home » Economy » PolicyCelebs face up to 3 year ban for misleading ads in new bill

शाहरुख-सलमान जैसे सेलीब्रि‍टी पर लग जाएगा 3 साल का बैन, अगर विज्ञापन में की ये गलती

सरकार ने कंज्‍यूमर के हि‍तों की सुरक्षा के लि‍ए बहुत बड़ा कदम उठाया है।

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नई दिल्‍ली. सरकार ने कंज्‍यूमर के हि‍तों की सुरक्षा के लि‍ए बहुत बड़ा कदम उठाया है। अगर शाहरुख- सलमान जैसे अन्‍य सेलीब्रि‍टी कि‍सी गुमराह करने वाले वि‍ज्ञापन का हि‍स्‍सा बने तो उन्‍हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। कई कंपनि‍यां अपने प्रोडक्‍ट की बिक्री बढ़ाने और उसकी ब्रांडिंग के लि‍ए फि‍ल्‍मी सि‍तारों, क्रिकेटरों व बड़ी हस्‍ति‍यों को अपने वि‍ज्ञापन का चेहरा बनाते हैं। हालांकि‍ कुछ मामले ऐसे भी सामने आते हैं जब उपभोक्‍ता को उस हि‍साब से नतीजा नहीं मि‍लता जैसा कि‍ वि‍ज्ञापन में दिखाया या बताया जाता है। 


इस सि‍लसि‍ले में कंज्‍यूमर प्रोटेक्‍शन बि‍ल 2018 ससंद में पेश कर दि‍या गया है। कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनि‍स्‍टर राम वि‍लास पासवान ने बि‍ल को लोकसभा में पेश कि‍या। इसके जरि‍ए 31 साल पुराने कानून को हटाया जाएगा। इस बि‍ल में इस बात पर खास जोर दि‍या गया है कि‍ भ्रामक वि‍ज्ञापनों पर लगाम लगाई जाए। आगे पढ़ें कैसे लगेगा सेलीब्रि‍टी पर बैन 

कोई वि‍ज्ञापन नहीं कर पाएंगे 
उपभोक्‍ताओं के हि‍तों की रक्षा के लि‍ए सेंट्रल कंज्‍यूमर प्रोटेक्‍शन अथॉरि‍टी (CCPA) का गठन कि‍या जाएगा। अगर इस अथॉरि‍टी को ऐसा लगा कि कोई वि‍ज्ञापन भ्रामक है तो वह संबंधि‍त कंपनी, पब्‍लि‍शर के साथ कारोबारी को भी नोटि‍स जारी कर उसे बदलने का हटाने का निर्देश दे सकती है। 
CCPA के पास वि‍ज्ञापन में काम करने वाले और कंपनी दोनों पर 10 लाख तक की पेनल्‍टी लगाने की भी शक्‍ति होगी, अगर दोबारा उसी तरह की गलती हुई तो पेनल्‍टी की राशि बढ़कर 50 लाख तक हो सकती है। यही नहीं अथॉरि‍टी वि‍ज्ञापन में काम करने वाले पर 1 साल से लेकर 3 साल तक का बैन लगा सकती है। पहली बार शि‍कायत सही पाने जाने पर 1 साल और दोबारा ऐसा होने पर 3 साल तक का बैन लगाया जा सकता है।  आगे पढ़ें क्‍या हुआ इसका मतलब 
 

 

क्‍या हुआ इसका मतलब 
इसका मतलब, ये हुआ कि‍ अगर यह बात साबि‍त हो जाता है कि‍ कोई वि‍ज्ञापन गुमराह करने वाला है तो उस वि‍ज्ञापन का हि‍स्‍सा बनने वाले सेलीब्रि‍टी पर पहली बार 1 साल और दूसरी बार ऐसा केस होने पर 3 साल तक बैन लग सकता है। वह इतने समय तक कि‍सी भी और सर्वि‍स या प्रोडक्‍ट का वि‍ज्ञापन नहीं कर पाएंगे। जुर्माना भी 50 लाख तक जा सकता है। 

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