3600 करोड़ के निवेश से खुलेंगे कई इनोवेटिव सेंटर, अमेरिका चीन को मिलेगी टक्कर

national mission of interdisciplinary cyber physiological systems: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने बहुविषयक साइबर-फिजिकल प्रणालियों के राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस) को मंजूरी दे दी। इसे पांच सालों के लिए 3600 करोड़ रुपए की कुल लागत के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग लागू करेगा। इसके तहत आईटी क्षेत्र के 10 से अधिक इनोवेटिव सेंटर खोले जाने के साथ कई रिसर्च सेंटर खोलने की योजना है। इसकी बदौलत हम आईटी इनोवेशन के क्षेत्र में अमेरिका एवं चीन जैसे देशों को टक्कर दे सकेंगे।

Money Bhaskar

Dec 07,2018 02:25:00 PM IST

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने बहुविषयक साइबर-फिजिकल प्रणालियों के राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस) को मंजूरी दे दी। इसे पांच सालों के लिए 3600 करोड़ रुपए की कुल लागत के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग लागू करेगा। इसके तहत आईटी क्षेत्र के 10 से अधिक इनोवेटिव सेंटर खोले जाने के साथ कई रिसर्च सेंटर खोलने की योजना है। इसके बदौलत आईटी इनोवेशन के क्षेत्र में भारत अमेरिका एवं चीन जैसे देशों को टक्कर देगा।

प्रभाव :

सीपीएस प्रौद्योगिकियों से राष्ट्र की वैज्ञानिक, अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी नवाचार क्षमताओं को नई धार मिलेगी। इसके अलावा वह सरकार के अन्य मिशनों को समर्थन देगी, औद्योगिक तथा आर्थिक प्रतिस्पर्धा का माहौल पैदा करेगी और एक वास्तविक रणनीतिक संसाधन के रूप में विकसित होगी। उभरते हुए विनियोग के आकार, प्रकार और जटिलता की वजह से आने वाले दिनों में नई प्रौद्योगिकियां लगातार विकसित होती रहेंगी। प्रस्तावित मिशन विकास का माध्यम बनेगा, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, कृषि, रणनीति आधारित सुरक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में राष्ट्रीय पहलों को लाभ होगा। इसके अलावा इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट सिटी, सतत विकास लक्ष्य इत्यादि को भी लाभ होगा। सीपीएस आने वाली प्रौद्योगिकियों की एक समग्र प्रणाली है, जो विकास की दौड़ में अन्य देशों के साथ मिलकर चलने को प्राथमिकता देती है। सीपीएस से समस्त कौशल आवश्यकताओं में आमूल परिवर्तन होगा। उद्योग/समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्नत कुशलता और कुशल श्रमशक्ति के सृजन के द्वारा मिशन रोजगार अवसरों में इजाफा करेगा। नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप इको प्रणाली प्रस्तावित एनएम-आईसीपीएस का अभिन्न हिस्सा हैं, जिसके मद्देनज़र स्टार्ट-अप से भी सीपीएस तथा संबंधित क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार अवसर पैदा होंगे। इस तरह अल्पकालिक अवधि में लगभग 40,000 रोजगार और दीर्घकालिक अवधि में लगभग दो लाख रोजगार पैदा होंगे।

विवरण :

इस मिशन के तहत समाज की बढ़ती प्रौद्योगिकी जरूरतों को पूरा किया जाएगा और वह अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के लिए अग्रणी देशों के अंतर्राष्ट्रीय रूझानों तथा रोडमैप का जायजा लेगा। इस मिशन के तहत निम्नलिखित विकास और कार्य किए जाएंगे :

  1. देश में साइबर-फिजिकल प्रणालियां (सीपीएस) और संबंधित प्रौद्योगिकियां सुगम हो जाएंगी।

  2. भारतीय परिस्थितियों के मद्देनजर राष्ट्रीय/क्षेत्रीय मुद्दों को हल करने के लिए सीपीएस प्रौद्योगिकियों को अपनाना।

  3. सीपीएस मे अगली पीढ़ी की कुशल श्रमशक्ति का सृजन।

  4. प्रौद्योगिकी आधारित नव-अनुसंधान में तेजी लाना।

  5. सीपीएस में उद्यमिता और स्टार्ट-अप इको प्रणाली विकास में तेजी लाना।

  6. सीपीएस, प्रौद्योगिकी विकास तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग विषयों में उच्च शिक्षा में उन्नत अनुसंधान को तेजी देना।

  7. भारत को अन्य उन्नत देशों के समकक्ष लाना तथा कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभों को प्राप्त करना।

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