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6808 करोड़ में बनेगा जोजिला टनल, हर मौसम में कनेक्‍ट रहेंगे श्रीनगर-लेह-कारगिल

जोजिला टनल की निर्माण अवधि सात साल तय की गई है। टनल का निर्माण शुरू होते ही यह अवधि भी शुरू हो जाएगी।

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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने बुधवार को जम्‍मू-कश्‍मीर में 2 लेन वाले बाई डायरेक्‍शनल जोजिला टनल और इसके पैरलल एस्‍केप (एग्रेस) टनल के कंस्‍ट्रक्‍शन, ऑपरेशन और मेंटीनेंस को मंजूरी दे दी। ये सभी काम इंजीनियरिंग, प्रोक्‍योरमेंट और कंस्‍ट्रक्‍शन (EPC) मोड के आधार पर होंगे। हालांकि इस मंजूरी में NH-1A को जोड़ने वाले श्रीनगर-लेह सेक्‍शन का काम शामिल नहीं है। 
 
कैबिनेट कमेटी का कहना है कि जोजिला टनल का निर्माण श्रीनगर, कारगिल और लेह को हर मौसम में जोड़े रखेगा। अभी लेह के साथ कनेक्टिविटी अधिकतम 6 माह तक रहती है। उसके बाद बर्फबारी और हिमस्‍खलन के खतरे के चलते कनेक्टिविटी में अवरोध उत्‍पन्‍न हो जाता है। इसके अलावा यह प्रोजेक्‍ट श्रीनगर, कारगिल और लेह में आर्थिक और सामाजिक-सांस्‍कृतिक इंटीग्रेशन भी लाएगा। इसलिए यह प्रोजेक्‍ट रणनीतिक और सामाजिक-आर्थिक तौर पर भी महत्‍व रखता है। कैबिनेट का यह भी मानना है कि यह प्रोजेक्‍ट जम्‍मू-कश्‍मीर के आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों के विकास का जरिया भी बनेगा।  
  

रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  

जोजिला टनल प्रोजेक्‍ट, गगनगीर के 6.5 किलोमीटर लंबे जेड-मोर टनल जैसे अन्‍य चल रहे प्रोजेक्‍ट्स के साथ कश्‍मीर और लद्दाख कें बीच सुरक्षित, तेज और सस्‍ती कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा यह लोकल लेबर के लिए प्रोजेक्‍ट से जुड़ी गतिविधियों के जरिए रोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा। प्रोजेक्‍ट के पूरा होने के बाद क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा क्‍योंकि यहां के लोकल बिजनेस नेशनल मार्केट से जुड़ सकेंगे और इस इलाके में पूरे साल पर्यटकों का आना संभव हो सकेगा। ,
 

कितने समय में होगा पूरा 

जोजिला टनल की निर्माण अवधि सात साल तय की गई है। टनल का निर्माण शुरू होते ही यह अवधि भी शुरू हो जाएगी। 2 लेन वाले जोजिला टनल की लंबाई 14.150 किलोमीटर और इसके पैरलल एग्रेस टनल की लंबाई 14.200 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्‍ट को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नेशल हाइवेज एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए पूरा करेगा। 
 

कितनी है प्रोजेक्‍ट की लागत 

इस प्रोजेक्‍ट की सिविल कंस्‍ट्रक्‍शन कॉस्‍ट 4,899.42 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्‍ट की कैपिटल कॉस्‍ट 6,808.69 करोड़ रुपए है। इसमें जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास व अन्‍य प्री-कंस्‍ट्रक्‍शन गतिविधियां और 4 सालों तक टनल की मेंटीनेंस व ऑपरेशन कॉस्‍ट शामिल है। 
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