अब जड़ी बूटी के जानकारों को विदेश में मिलेगी बढ़िया नौकरी

  • भारत और बोलिविया के बीच एक एमओयू साइन हुआ है।
  • भारत की पुरानी चिकित्सा पद्धति को बोलिविया में बढ़ाया जाएगा।

Money Bhaskar

Apr 15,2019 03:05:00 PM IST

नई दिल्ली. पीएम मोदी के नेतृत्व में आज यानी 15 अप्रैल को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई, जो मार्च 2019 में भारत और बोलिविया के बीच हुआ था। इसके तहत आयुर्वेद, योगा, यूनानी और सिद्धा और होम्योपैथी के जानकारों को बोलिविया में नौकरी मिल सकेगी।

पुरानी चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने में होगी मदद

दरअसल भारत और बोलिविया के बीच एक एमओयू साइन हुआ है, जिसमें भारत की पुरानी चिकित्सा पद्धति को बोलिविया में बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों के बीच एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट हुआ है, जिसके तहत दोनों देश आपस में एक दूसरे के पुराने चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इससे बोलिविया में आयुष को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नई दवाएं बनाने में मिलेगी सफलता

बता दें कि भारत सरकार की ओर से मेडिसिन और होम्योपैथिक की शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया गया था। दोनों देशों के बीच हुआ समझौते के अंतर्गत दोनों देशों के एक्सपर्ट के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम होगा। साथ ही ट्रेनिंग और प्रैक्टिस होगा। इससे नई दवा बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही देश में नए प्रतिभाएं इस फील्ड में रिसर्च कर सकेंगी।

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