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येदियुरप्‍पा ने कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली, कि‍या कि‍सानों का कर्जा माफ

भाजपा के बीएस येदुरप्‍पा ने बृहस्‍पति‍वार की सुबह नौ बजे कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली।

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नई दिल्ली. भाजपा के बीएस येदियुरप्‍पा ने बृहस्‍पति‍वार की सुबह नौ बजे कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने के तुरंत बाद उन्‍होंने सबसे पहले कि‍सानों की कर्ज माफी को लेकर बड़ा एलान कि‍या। अपने वादे के मुताबि‍क, उन्‍होंने किसानों के 1 लाख तक लोन माफ करने की घोषणा की। इधर भाजपा का कहना है कि‍ वह जल्‍द ही बहुमत साबित कर देगी। सरकार बनाने को लेकर फंसे पेंच पर सुप्रीम कोर्ट में सुबह 4:20 बजे तक सुनवाई चली। दरअसल, कांग्रेस-जेडीएस ने राज्यपाल वजूभाई वाला की ओर से भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने के फैसले के खिलाफ अर्जी लगाकर उस पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी।

 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस फैसले पर रोक से इनकार कर दिया। अब येदियुरप्पा गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि, बहुमत तभी साबित हो सकता है, जब सदन में 14 विधायक मौजूद न रहें। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई कल सुबह 10:30 पर कर सकता है। शीर्ष अदालत ने भाजपा से बहुमत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या वाली लिस्ट मांगी है। बता दें कि भाजपा विधानसभा चुनाव में 104 सीटें हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन दे दिया है। उसका बहुमत हासिल करने का दावा है।


सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस-जेडीएस ने रखी ये दलीलें
- कांग्रेस-जेडीएस की ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे थे। उन्होंने कहा "भाजपा के पास 104 विधायकों का समर्थन है और गवर्नर ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने न्योता दिया। ये पूरी तरह असंवैधानिक है। ये कभी नहीं सुना गया कि वो पार्टी जिसके पास 104 सीटें हों उसे 112 सीटों का बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए जाएं। पहले ऐसे किसी भी मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से 48 घंटे ही दिए जाते थे।"
- सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि वह राज्यपाल का मौजूदा फैसला असंवैधानिक मानकर उसे रद्द करे या फिर कांग्रेस-जेडीएस को सरकार बनाने का न्योता देने का आदेश दे।
- उन्होंने गोवा मामले का हवाला देते हुए कहा, "गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी फिर भी हमें सरकार बनाने से रोक दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी भाजपा के सरकार बनाने को सही ठहराया था।"

 

भाजपा के पास मौका

- कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायक सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो भाजपा के पास मौका
- कुल सीटें: 224
- 2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें: 222
- एचडी कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए सदन में कुल विधायकों की संख्या: 221
- अगर 14 विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो विधायकों की संख्या: 207
- सदन में विधायकों की संख्या 207 होने पर बहुमत का आंकड़ा: 104
- बहुमत का आंकड़ा भाजपा के पास: 104

 

कांग्रेस-जेडीएस के पास क्या हैं विकल्प?
- जेडीएस-कांग्रेस को अपने सभी 116 विधायकों को एकजुट रखना होगा। कांग्रेस ने बुधवार देर शाम अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु के पास इगलटन रिसॉर्ट में इकट्ठा भी कर लिया। सभी को एक बस में वहां ले जाया गया।


मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर
- राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।
- 2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।

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