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RSS से जुड़ा BMS 20 फरवरी को करेगा देशव्‍यापी विरोध, मोदी सरकार की लेबर पॉलिसी से है नाराज

नई दिल्‍ली. राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ (BMS)  20 फरवरी को देशव्‍यापी आंदोलन करेगा। BMS सरकार की एंटी लेबर पॉलिसी के खिलाफ यह विरोध करेगा। इसके अलावा, संगठन इस महीने के आखिर में होने वाली इंडियन लेबर कॉन्‍फ्रेंस (आईएलसी) में शामिल होने पर फिर से विचार कर रहा है। 

 

बीएमएस के जनरल सेक्रेटरी ब्रिजेश उपाध्‍याय के अनुसार, केंद्रीय कार्य समिति की 8 फरवरी को गुजरात के अम्‍बाजी में हुई मीटिंग में मोदी सरकार की एंटी लेबर पॉलिसी के खिलाफ देशव्‍यापी आंदोलन का फैसला किया है। उन्‍होंने बताया कि केंद्रीय कार्य समिति ने अपने सभी यूनियन को 20 फरवरी को 'ब्‍लैक डे' के रूप में मनाने, काली पट्टी बांधकर विरोध जताने और गेट मीटिंग करने के निर्देश दिए हैं। 

 

वादा नहीं पूरा करने पर आलोचना

BMS का कहना है कि केंद्रीय कार्य समिति ने संघ के डेलिगेशन के साथ 17 नवंबर 2017 को किए वादा नहीं पूरा करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। बीएमएस के अनुसार, केंद्र सरकार लेबर समस्‍याओं की पूरी तरह अनदेखी कर रही है और यह विरोध-प्रदर्शन उसी के खिलाफ है। भारतीय वर्कर्स के अगल-अलग सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने सरकार के सामने उनकी गंभीर समस्‍याएं रखी थीं, जिस पर सरकार पूरी तरह मौन है। 

 

3 साल बाद हो रही है इंडियन लेबर कॉन्‍फ्रेंस 

तीन साल बाद 46वीं इंडियन लेबर कॉन्‍फ्रेंस 26-27 फरवरी को नई दिल्‍ली में होने जा रही है। इसका इनॉगरेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बीएमएस के अनुसार, केंद्रीय कार्य समिति ने सभी जिला, राज्‍य और इंडस्ट्रियल महासंघों को राज्‍यों की राजधानी और इं‍डस्ट्रियल एस्‍टेट में 26-27 फरवरी 2018 को धरना देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नई दिल्‍ली में कॉन्‍फ्रेंस के बाहर भारी विरोध-प्रदर्शन 26 फरवरी को करेगा। जिससे लेबर से जुड़े मसलों के समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा सके। 

 
किन अहम  मुद्दों पर BMS का है दबाव? 

1. बीएमएस आंगनवाड़ी वर्कर्स मानदेय बढ़ाने और उन्‍हें सोशल सिक्‍युरिटी कवरेज के दायरे में लाया जाए 
2. जीएसटी के चलते प्रभावित लेबर वेलफेयर बोर्ड को सेस की रकम वापस की जाए। 
3. ईपीएस पेंशन 1000 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 5 000 रुपए प्रति किया जाए 
4. बीमारू पीएसयू को स्‍पेशल फंड दिया जाए, जिससे कि उनका रिवाइव किया जा सके। 
5. सेलरीड क्‍लास के लिए इनकम टैक्‍स छूट की लिमिट 5 लाख तक की जाए।   
6. लेबर लॉ रिफॉर्म्‍स के दायरे में एंटी लेबर प्रावधानों को हटाया जाए। 
7. असंगठित सोशल सिक्‍युरिटी फंड 2000 करोड़ रुपए तक की जाए। 
8. समान काम, समान वेतन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए। 

 

बीएमएस ने केंद्र सरकार ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार 25 फरवरी 2018 के पहले कोई कदम नहीं उठाती है तो संगठन लेबर कॉन्‍फ्रेंस में शामिल होने पर दोबारा विचार करेगा। 

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