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PAN पर बैंक से झूठ बोलना पड़ेगा महंगा, पेनल्‍टी के साथ दर्ज होगा मुकदमा

सरकार ट्रैक कर रही फॉर्म 60 के साथ होने वाले ट्रांजैक्शन

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नई दिल्‍ली। अगर किसी व्‍यक्ति की सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है और उसने परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन नहीं ले रखा है तो ऐसे लोग अब सरकार को गुमराह नहीं कर पाएंगे। बड़े पैमाने पर लोग बैंक में यह बताते हैं कि उनकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से कम है और उनके पास पैन नहीं है। इसके आधार पर बैंक उनसे  पैन की जगह फॉर्म 60 ले लेता है। इस तरह से वे बैंक या दूसरी जगह पर ट्रांजैक्‍शन कर लेते हैं। बहुत से लोग अलग अलग बैंक और पोस्‍ट ऑफिस में तीन चार एफडी रखते हैं लेकिन सरकार को इसके बारे में पता नहीं चल पाता है। लेकिन सरकार ने अब ऐसे लोगों के बारे में सही जानकारी इकठ्ठा करने का तरीका निकाला है। 

 

फॉर्म 60 भरने में रहे अलर्ट 
 

अगर आपके पास परमानेंट अकाउंट नंबर नहीं है और आप कोई ऐसा ट्रांजैक्‍शन करना चाहते हैं जिसके लिए पैन जरूरी है तो आप फार्म 60 भरके ऐसा कर सकते हैं। लेकिन अगर आप एक वित्‍तीय वर्ष में एक से अधिक ऐसा ट्रांजैक्‍शन करते हैं जिसके लिए आपको फार्म 60 भरने की जरूरत पड़ती है तो आपके सारे लेन देन की जानकारी मोदी सरकार के पास पहुंच जाएगी। फार्म 60 की सुविधा ऐसा लोगों के लिए है जिनकी सालाना इनकम टैक्‍स छूट की सीमा यानी सालाना 2.5 लाख रुपए से कम है। अगर आपकी इनकम इससे ज्‍यादा है और आप फार्म 60 भरते हैं तो आप मुसीबत में फंस सकते हैं। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट आपको इसके लिए नोटिस भेज सकता है और जांच पाया गया कि आप गलत तरीके से फार्म 60 भर रहे हैं और आप टैक्‍स की चोरी कर रहे हैं तो आपके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। 

 
सरकार के पास जमा होगा ट्रांजैक्‍शन का ब्‍यौरा 
 
चार्टर्ड अकाउंटैंट (सीए) संगीत गुप्‍ता ने moneybhaskar.com को बताया कि  अगर कोई व्‍यक्ति जिसके पास पैन नही है ऐसा ट्रांजैक्‍शन करता है जिसमें पैन कोट करना जरूरी है तो उसे फार्म 60 पेपर फार्म में या इलेक्‍ट्रॉनिक फार्म में सबमिट कराना होगा। उसे फार्म 60 में उस ट्रांजैक्‍शन की डिटेल भी देनी होगी। अगर एक ही व्‍यक्ति एक वित्‍तीय वर्ष में कई बार फार्म 60 के जरिए ट्रांजैक्‍शन करता है तो फार्म 60 कलेक्‍ट करने के लिए जिम्‍मेदार व्‍यक्ति को पहले के ट्रांजैक्‍शन की डिटेल लेकर सरकार के पास जमा करानी होगी। इस तरह से अगर कोई व्‍यक्ति फार्म 60 के जरिए एक फाइनेंशियल ईयर में कई ट्रांजैक्‍शन करता है तो सरकार के पास यह सारा डाटा इकठ्ठा हो जाएगा। 

 

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इलेक्‍ट्रॉनिक फार्म में जमा करा सकेंगे फार्म 60 


अब इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने पेपर के साथ इलेक्‍ट्रॉनिक फार्म में भी फार्म 60 जमा कराने की सुविधा दी है। इसके लिए सरकार ने एक पोर्टल बनाया है। अगर कोई व्‍यक्ति इलेक्‍ट्रॉनिक फार्म में फार्म 60 पोर्टल पर सबमिट कराता तो उसके मोबाइल नंबर पर या ईमेल पर पर वन टाइम पासवर्ड आएगा। ओटीपी के जरिए वह इसे वेरीफाई कर सकता है। इसके अलावा वह फिंगर प्रिंट से आधार बेस्‍ड वेरीफिकेशन भी करा सकता है। अगर कहीं पर इलेक्‍ट्रॉनिक तौर पर फार्म 60 जमा कराने की सुविधा नहीं है या तकनीकी दिक्‍कतों की वजह से ऐसा नहीं हो पाता है तो उसे पेपर फार्म फार्म 60 जमा कराने की छूट मिलेगी। 

 

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सरकार पूछेगी सवाल 

 
सीए संगीत गुप्‍ता के मुताबिक पहले ऐसे लोगों के ट्रांजैक्‍शन की जांच नहीं हो पाती थी जिनके पास पैन नंबर नहीं होता था और जो फार्म 60 के जरिए ट्रांजैक्‍शन करते थे। लेकिन अब अगर एक व्‍यक्ति एक ही फाइनेंशियल ईयर में फार्म 60 के जरिए कई ट्रांजैक्‍शन करेगा तो उसकी डिटेल सरकार के पास पहुंच जाएगी। तो सरकार ऐसे लोगों से पूछ सकती है कि आपने जो ट्रांजैक्‍शन किए हैं उसके लिए पैसा कहां से आया। आप की इनकम कितनी है। अगर सरकार की जांच में यह पता चलता है कि इस व्‍यक्ति की इनकम टैक्‍स के दायरे में आती है तो उसे टैक्‍स के साथ पेनल्‍टी भी देनी पड़ सकती है। 

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