किसानों के लिए खुशखबरी, विदेशों से प्रमुख दलहनों के आयात पर लगा प्रतिबंध

ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएसन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दाल आयात पर प्रतिबंध को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखने से विदेशों से प्रमुख दलहनों का आना बंद हो जाएगा जिससे किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि दलहनों का आयात रुकना किसानों के हक में है, क्योंकि आयात बढ़ने के कारण किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य-एमएसपी पर नहीं बिक पा रही है।

Money Bhaskar

Jan 30,2019 03:24:00 PM IST

नई दिल्ली। ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएसन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दाल आयात पर प्रतिबंध को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखने से विदेशों से प्रमुख दलहनों का आना बंद हो जाएगा जिससे किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि दलहनों का आयात रुकना किसानों के हक में है, क्योंकि आयात बढ़ने के कारण किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य-एमएसपी पर नहीं बिक पा रही है। गुजरात उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा था कि विदेश व्यापार महानिदेशालय-डीजीएफटी को दलहन आयात पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार है, जिसे एक याचिकाकर्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत द्वारा गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराने के बाद अब मद्रास उच्च न्यायालय से जिन लोगों को स्टे मिला हुआ है वह भी निरस्त हो जाएगा तो तुअर, उड़द और मूंग का आयात रुक जाएगा।

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अदालत के फैसले के बाद दलहन बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला


गौरतलब है कि पिछले साल सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सिर्फ दो लाख टन तुअर और उड़द व मूंग तीन लाख टन आयात करने की सीमा तय कर दी थी। अग्रवाल ने बताया कि तय सीमा के परिमाण तुअर, उड़द और मूंग बहुत पहले ही आ चुके हैं और करीब 100 आयातकों ने मद्रास उच्च न्यायालय से डीजीएफटी के प्रतिबंध के खिलाफ स्टे ले लिया है, जिसके कारण बर्मा और पूर्वी अफ्रीकी देशों से तुअर, मूंग और उड़द का आयात हो रहा है। दलहन बाजार के जानकार अमित शुक्ला ने बताया कि अदालत के फैसले के बाद दलहन बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला, हालांकि इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि मद्रास उच्च न्यायालय से जिन लोगों को स्टे मिला हुआ है उनका क्या होगा। उन्होंने कहा कि उहापोह की स्थिति इस बात को लेकर भी है कि दलहन की खेप लेकर जो जहाज बर्मा से चेन्नई के लिए रवाना हुए हैं उनका क्या होगा।

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दिल्ली में अरहर के भाव 5,050 रुपये, उड़द के 4,400 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल रहे


अमित ने कहा, "बर्मा से मिली जानकारी के अनुसार, भारत के ताजा घटनाक्रम के बाद वहां उड़द के बिकवाल मायूस हैं, क्योंकि लिवाली घट गई है। उड़द एफएक्यू का भाव 435 डॉलर प्रति टन-एफओबी और एसक्यू का भाव 555 डॉलर प्रति टन था।" दिल्ली में अरहर के भाव 5,050 रुपये, उड़द के 4,400 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मूंग के भाव दिल्ली में 5,000 से 6,000 रुपये और चना के भाव 4,200 से 4,300 रुपये प्रति क्विंटल रहे। व्यापारियों के अनुसार अगर चेन्नई के रास्ते हो रहा दलहन आयात बंद हो गया तो, फिर दालों के मौजूदा भाव में 150 से 200 रुपये की और तेजी बन सकती है।

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