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साढ़े चार साल बाद RBI ने 0.25 फीसदी बढ़ाया रेपो रेट, कर्ज लेना होगा महंगा

रिजर्व बैंक ने जनवरी 2014 के बाद पहली बार रेपो रेट में बढ़ोत्‍तरी की है।

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नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ने बुधवार को साढ़े चार साल में पहली बार ब्‍याज दरों में बढ़ोत्‍तरी की। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया है। रिवर्स रेपो रेट भी चौथाई फीसदी बढ़कर 6 फीसदी हो गया। रेपो रेट में बढ़ोत्‍तरी से कर्ज लेना महंगा हो जाएगा। आने वाले दिनों में होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई में बढ़ोत्‍तरी हो सकती है। रिजर्व बैंक ने जनवरी 2014 के बाद पहली बार रेपो रेट में बढ़ोत्‍तरी की है। 

 

मोदी सरकार में पहली बार रेपो रेट बढ़ा

 

मोदी सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब रिजर्व बैंक ने रेपो रेट बढ़ाया है। RBI गवर्नर उर्जित पटेल की अध्‍यक्षता में होने वाली MPC मीटिंग पहली बार 3 दिन चली है। इससे पहले यह दो दिन की होती रही है। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई में छह सदस्यीय मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) की 4 जून से मीटिंग शुरू हुई थी।  

 

सालाना 6060 रुपए  बढ़ जाएगा होम लोन EMI का बोझ 

होम लोन अमाउंट अवधि  पुरानी EMI नई EMI सालाना बोझ 
 30 लाख रुपए  25 साल  24056  24562  6060रुपए

नोट-एसबीआई के मौजूदा होम लोन रेट 8.45 के आधार पर किया गया है कैलकुलेशन 

 

कितनी बढ़ेगी कार लोन की EMI

 कार लोन अमाउंट अवधि  पुरानी EMI नई EMI सालाना बोझ 
5 लाख रुपए  5 साल   10354 रुपए 10415 रुपए 732 रुपए

 

नोट-एसबीआई के मौजूदा  कार लोन रेट 8.90 के आधार पर किया गया है कैलकुलेशन 

 

GDP ग्रोथ का अनुमान 7.4 फीसदी 

 

एमपीसी ने 2018-19 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 7.4 फीसदी पर बनाए रखा है। वहीं 2018 19 की पहली छमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.5- 7.6 फीसदी की रेंज में और दूसरी छमाही में 7.3 से 7.4 फीसदी की रेंज मे रहने की अनुमान है। 

 

खुदरा महंगाई 4.7-5.1 फीसदी की रेंज में रखने का लक्ष्‍य 

 

देश का उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक अप्रैल में 4.58 फीसदी था। मार्च में यह 4.28 फीसदी था। रिजर्व बैंक ने अप्रैल-सितंबर 2019 की अवधि के लिए खुदरा महंगाई दर 4.7 से 5.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। 

 


एमपीसी के सभी सदस्‍यों ने किया फैसले का समर्थन 

 

छह सदस्‍यीय एमपीसी के सभी सदस्‍यों ने रेपो रेट में 2.25 फीसदी का इजाफा करने के पक्ष में राय दी। इस तरह से एमपीसी ने रेपो रेट में वृद्धि करने का फैसला एकमत से किया है। एमपीसी की अगली बैठक 31 जुलाई को होगी। 

 

खुदरा महंगाई दर पर रिजर्व बैंक चिंतित

 

बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ दीनबंधु महापात्रा का कहना है कि रेपो रेट में इजाफा खुदरा महंगाई बढ़ने को लेकर रिजर्व बैंक की चिंता को दिखाता है। रिजर्व बैंक आने वाले महीनों में भी खुदरा महंगाई दर को लेकर सतर्क रहेगा। मॉनिटरी पॉलिसी में देश के अलग अलग हिस्‍सो में मानसून के प्रदर्शन और तेल कीमतों में उतार चढ़ाव को कम अविध में जोखिम के तौर पर भी दिखाया है। 

 

ये फैक्टर दे रहे थे दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत

 

फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.7 फीसदी रही है, वहीं, पूरे फाइनेंशियल में ग्रोथ 6.7 फीसदी रही है। जानकार इसे इकेानॉमी के पटरी पर लौटने के रूप में देख रहे हैं। वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतें 78 डॉलर के आस-पास बनी हुई हैं। रिटेल इनफ्लेशन नवंबर 2017 से ही 4 फीसदी के ऊपर बना हुआ है। वहीं, टाइट मॉनिटरी पॉलिसी के मिल रहे संकेतों के बीच SBI, PNB और ICICI बैंक समेत कुछ बैंकों ने 1 जून से लेंडिंग रेट बढ़ा दिए हैं। वहीं, कुछ बैंकों ने डिपॉजिट रेट भी बढ़ाए हैं। 

 

RBI से भी दरें बढ़ाने के मिले थे संकेत 

RBI के डिप्‍टी गवर्नर विरल आचार्य ने जून में होने वाली मॉनिटरी पॉलिसी में रेपो रेट में बढ़ोत्‍तरी के संकेत दिए थे। अप्रैल की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की मीटिंग के मिनट्स के अनुसार, RBI के डिप्‍टी गवर्नर विरल आचार्य ने 4-6 जून को होने वाली अगली पॉलिसी रिव्‍यू में ब्‍याज दरों में तेजी का दौर लौटने का फेवर किया।

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