• Home
  • Economy
  • Policy
  • After the promotion of Amrapali Group, Dhoni did not pay the fees, wife witness was also associated with the company's charity program

आम्रपाली ग्रुप ने धोनी के साथ भी किया दगा, 40 करोड़ रुपए के मामले में क्रिकेटर ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा 

आम्रपाली ग्रुप ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी को भी नहीं बख्शा। कंपनी ने उनके साथ दगा करते हुए करीब 40 करोड़ रुपए की फीस नहीं चुकाई। अपनी इस रकम को पाने के लिए धोनी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है।


 

money bhaskar

Mar 27,2019 02:15:00 PM IST

नई दिल्ली. आम्रपाली ग्रुप ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी को भी नहीं बख्शा। कंपनी ने उनके साथ दगा करते हुए करीब 40 करोड़ रुपए की फीस नहीं चुकाई। अपनी इस रकम को पाने के लिए धोनी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है। धोनी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में कहा है आम्रपाली ग्रुप के प्रमोशन करने के बाद भी कंपनी पर उनके लगभग 40 करोड़ रुपये बकाया हैं। महेंद्र सिंह धोनी 2009 में कंपनी के प्रमोशन के लिए जुड़े थे.

पत्नी भी जुड़ी थीं चैरिटी कार्यक्रम से


एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार 2009 में धोनी ने आम्रपाली ग्रुप के साथ कई समझौते किए और कंपनी के ब्रैंड एंबेसडर बने। धोनी आम्रपाली ग्रुप के साथ छह साल तक जुड़े रहे, लेकिन 2016 में जब कंपनी द्वारा ठगे गए होम बायर्स ने सोशल मीडिया पर धोनी के खिलाफ अभियान छेड़ा तो उन्होंने आम्रपाली से संबंध खत्म कर दिए। धोनी की पत्नी साक्षी भी ग्रुप के चैरिटी कार्यक्रम से जुड़ी थीं।

खरीदारों के साथ भी धोखाधड़ी की


सुप्रीम कोर्ट इस समूह के खिलाफ घर खरीदारों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन्हें समय पर फ्लैट नहीं दिया गया। कोर्ट ने समूह की सभी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है। धोनी भी अपने वित्तीय हित की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने ने कोर्ट से कहा है कि उनके हितों की रक्षा के लिए ग्रुप के जमीन में से एक खंड उनके लिए भी निश्चित हो।

X
COMMENT

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.