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हवाई चप्पल वालों की हवाई यात्रा हो सकती है हवा-हवाई, किराए में भारी उछाल

दिल्ली से शिमला का किराया 10,000 रुपए, अन्य में भी 25-40 फीसदी तक का इजाफा

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नई दिल्ली। 

ट्रेन के एसी कोच के किराए की तरह हवाई जहाज के किराए होने के कारण हवाई यात्रा आम लोगों की पहुंच में हो गई। कहा जाने लगा कि अब हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई जहाज में चढ़ सकते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से एयरलाइंस कंपनियों के गहराते वित्तीय संकट की वजह से एयरलाइंस कंपनियों के बेड़े में हवाई जहाज की संख्या कम होती जा रही है। 100 से अधिक जहाज रखने वाली जेट एयरलाइंस के सिर्फ 9 जहाज शुक्रवार को  उड़ने के लिए तैयार थे। अन्य एयरलाइंस ने भी प्रभावित है। ऐसे में, हवाई जहाज के किराए में 25-40 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। दिल्ली से मुंबई का किराया चार-पांच माह पहले तक 3000-3200 रुपए प्रति व्यक्ति चल रहा था जो अब 3800-4000 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। तत्काल में लेने पर यह किराया 8000 रुपए बताया जा रहा है। दिल्ली-शिमला का किराया तो 10,000 रुपए बताया जा रहा है।

पिछले तीन माह के मुकाबले 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दिल्ली-बंगलुरू के किराए में भी पिछले तीन माह के मुकाबले 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि सिविल एविएशन मंत्रालय लगातार बढ़ते किराए की निगरानी कर रहा है और मंत्रालय की तरफ से एयरलाइंस कंपनियों को अपने बेड़े में जहाजों की संख्या बढ़ाने के  लिए कहा गया है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक जेट के लगभग 100 विमान के बैठ जाने से सैकड़ों यात्री दूसरी एयरलाइंस की ओर मुखातिब हो गए जिससे किराए में बढ़ोतरी लाजिमी है।

 

उड़ानें रद्द की समस्या दूर करने के लिए उठाए कदम

एजेंसी की खबरों के मुताबिक हवाई सेवा प्रदाता स्पाइसजेट अपने बेड़े में 16 बोइंग 737-800 एनजी विमानों को शामिल करेगी। उसने उड़ानें रद्द होने की समस्या को कम करने और अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू स्तर पर अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। सभी विमान ड्राई लीज (बिना चालक दल के विमान पट्टे पर लेने की व्यवस्था) के तहत लिए जाएंगे। स्पाइसजेट ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।  इस व्यवस्था के तहत , पट्टे पर विमान देने वाली कंपनी बिना चालक दल के किसी एयरलाइन को विमान किराए पर देती है जबकि ' वेट लीज ' के तहत पूरे चालक दल के साथ विमान पट्टे पर दिया जाता है।

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विमानों के आयात के लिए डीजीसीए के पास एनओसी के लिए आवेदन किया गया है।

 

एयरलाइन ने कहा , " स्पाइसजेट बिना चालक दल के विमान किराए पर लेने की व्यवस्था के तहत अपने बेड़े में 16 बोइंग 737-800 एनजी विमान शामिल करेगी। विमानों के आयात के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के पास अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए आवेदन किया गया है। " कंपनी ने कहा कि नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद , अगले दस दिन में स्पाइसजेट के बेड़े में विमान शामिल होने लगेंगे। स्पाइसजेट ने कहा कि इससे न सिर्फ उड़ानों के रद्द होने की समस्या को दूर किया जा सकेगा बल्कि हमें इससे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।  कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह के मुताबिक यह बोइंग 737 एस की पहली लॉट है , जिसे एयरलाइन अपने बेड़े में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा , " विमानन क्षमता में अचानक गिरावट से विमानन क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण माहौल बना गया है। स्पाइसजेट क्षमता को बढ़ाने और यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। "

स्पाइसजेट की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब उड़ानों की संख्या में तेज गिरावट के चलते हवाई सफर के किराए में वृद्धि हो रही है। वित्तीय संकट में फंसी जेट एयरवेज के बेड़े के करीब 90 प्रतिशत विमान परिचालन से बाहर होने के कारण उड़ान रद्द होने की समस्या खड़ी हुई है। किराये का भुगतान नहीं कर पाने की वजह से जेट एयरवेज विमान खड़े करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

 

स्पाइसजेट को अपने 12 बोइंग 737 मैक्स विमानों को परिचालन से बाहर करना पड़ा

 

इसके अलावा , इथियोपियाई एयरलाइन विमान हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से स्पाइसजेट को अपने 12 बोइंग 737 मैक्स विमानों को परिचालन से बाहर करना पड़ा। 10 मार्च को हुए इस विमान हादसे में चार भारतीयों समेत 157 लोगों की जान गई थी। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते डीजीसीए ने उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए एयरलाइंस से बुधवार तक मध्यम अवधि की योजना लाने का अनुरोध किया था।

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