हवाई चप्पल वालों की हवाई यात्रा हो सकती है हवा-हवाई, किराए में भारी उछाल

  • वित्तीय संकट की वजह से एयरलाइंस कंपनियों के बेड़े में हवाई जहाज की संख्या कम होती जा रही है।
  • 100 विमान के बैठ जाने से सैकड़ों यात्री दूसरी एयरलाइंस की ओर मुखातिब हो गए जिससे किराए में बढ़ोतरी लाजिमी है।

Money Bhaskar

Apr 12,2019 03:08:00 PM IST

नई दिल्ली।

ट्रेन के एसी कोच के किराए की तरह हवाई जहाज के किराए होने के कारण हवाई यात्रा आम लोगों की पहुंच में हो गई। कहा जाने लगा कि अब हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई जहाज में चढ़ सकते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से एयरलाइंस कंपनियों के गहराते वित्तीय संकट की वजह से एयरलाइंस कंपनियों के बेड़े में हवाई जहाज की संख्या कम होती जा रही है। 100 से अधिक जहाज रखने वाली जेट एयरलाइंस के सिर्फ 9 जहाज शुक्रवार को उड़ने के लिए तैयार थे। अन्य एयरलाइंस ने भी प्रभावित है। ऐसे में, हवाई जहाज के किराए में 25-40 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। दिल्ली से मुंबई का किराया चार-पांच माह पहले तक 3000-3200 रुपए प्रति व्यक्ति चल रहा था जो अब 3800-4000 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। तत्काल में लेने पर यह किराया 8000 रुपए बताया जा रहा है। दिल्ली-शिमला का किराया तो 10,000 रुपए बताया जा रहा है।

पिछले तीन माह के मुकाबले 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

दिल्ली-बंगलुरू के किराए में भी पिछले तीन माह के मुकाबले 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि सिविल एविएशन मंत्रालय लगातार बढ़ते किराए की निगरानी कर रहा है और मंत्रालय की तरफ से एयरलाइंस कंपनियों को अपने बेड़े में जहाजों की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक जेट के लगभग 100 विमान के बैठ जाने से सैकड़ों यात्री दूसरी एयरलाइंस की ओर मुखातिब हो गए जिससे किराए में बढ़ोतरी लाजिमी है।

उड़ानें रद्द की समस्या दूर करने के लिए उठाए कदम

एजेंसी की खबरों के मुताबिक हवाई सेवा प्रदाता स्पाइसजेट अपने बेड़े में 16 बोइंग 737-800 एनजी विमानों को शामिल करेगी। उसने उड़ानें रद्द होने की समस्या को कम करने और अंतरराष्ट्रीय एवं घरेलू स्तर पर अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। सभी विमान ड्राई लीज (बिना चालक दल के विमान पट्टे पर लेने की व्यवस्था) के तहत लिए जाएंगे। स्पाइसजेट ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। इस व्यवस्था के तहत , पट्टे पर विमान देने वाली कंपनी बिना चालक दल के किसी एयरलाइन को विमान किराए पर देती है जबकि ' वेट लीज ' के तहत पूरे चालक दल के साथ विमान पट्टे पर दिया जाता है।

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