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आधार को लेकर UIDAI जल्‍द जारी करेगी क्‍या करें-क्‍या न करें की लिस्‍ट, ट्राई चीफ के चैलेंज के बाद उठाया कदम

पर्सनल डिटेल्‍स पब्लिक डोमेन पर पोस्‍ट न करने के बारे में किया जाएगा आगाह...

Aadhaar dare effect UIDAI plans public outreach on dos and don'ts of sharing ID number

नई दिल्‍ली. आधार जारी करने वाली अथॉरिटी UIDAI जल्‍द ही आम जनता के लिए आधार की बायोमेट्रिक डिटेल्‍स साझा करते समय क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं, इसकी लिस्‍ट जारी करेगी। ट्राई चीफ आरएस शर्मा द्वारा आधार नंबर सार्वजनिक कर इसकी प्राइवेसी में सेंध लगाकर दिखाने का चैलेंज दिए जाने के बाद उठे विवाद को देखते हुए UIDAI यह कदम उठाने जा रही है। अथॉरिटी का उद्देश्‍य लोगों को आधार के पैन, बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी निजी सूचना के समकक्ष होने की बात समझाना है। साथ ही लोगों को अपनी पर्सनल डिटेल्‍स किसी भी पब्लिक डोमेन, विशेषकर ट्विटर, फेसबुक जैसे डिजिटल प्‍लेटफॉर्म्‍स पर पोस्‍ट न करने के बारे में आगाह करना है। 

 

UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे का कहना है कि लोगों को यह बताना बेहद जरूरी है कि वे आधार का इस्‍तेमाल बिना किसी डर के कर सकते हैं। इस बारे में एक डिटेल्‍ड FAQ (फ्रीक्‍वेंटली आस्‍क्‍ड क्‍वैश्‍चंस) जारी किया जाएगा। इसमें लगभग आधा दर्जन ऐसे सवालों के जवाब होंगे, जिन पर पिछले 15 दिनों से काफी बहस छिड़ी हुई है। 

 

क्‍या है आरएस शर्मा का मामला?

बता दें कि आधार प्रोग्राम के बड़े समर्थक कहे जाने वाले ट्राई चेयरमैन आरएस शर्मा ने ट्विटर पर अपना आधार नंबर सार्वजनिक कर हैकर्स को उनकी प्राइवेसी में सेंध लगाने की चुनौती दी थी। इसके बाद कुछ यूजर्स ने दावा किया कि उन्‍होंने शर्मा के बैंक अकाउंट नंबर, ईमेल की जानकारी हासिल कर ली है। एक यूजर ने केवल आधार नंबर के जरिए शर्मा की कुछ निजी जानकारियां जुटाकर पोस्‍ट कर दी थीं। हालांकि शर्मा ने इस सब को झूठ करार दिया था। लेकिन इसके बाद आधार की सिक्‍योरिटी का मामला तूल पकड़ गया।  

 

कैसी जानकारियां होंगी FAQ में?

UIDAI का यह भी कहना है कि आधार को पहचान के प्रमाण के तौर पर और ट्रांजेक्‍शन के लिए मुक्‍त रूप से इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए, जैसे कि हम किसी अपने बैंक अकाउंट जैसी डिटेल्‍स किसी काम के लिए देते हैं। UIDAI के प्रस्‍तावित FAQ में यह बताया जाएगा कि केवल आधार नंबर के जरिए किसी भी व्‍यक्ति को न ही नुकसान पहुंचाया जा सकता है और न ही उसका किसी तरह की डुप्‍लीकेसी के लिए गलत इस्‍तेमाल हो सकता है। इसकी वजह है कि इसमें बायोमेट्रिक्‍स और OTP ऑथेंटिकेशन जैसी अतिरिक्‍त सिक्‍योरिटी लेयर्स हैं, जो इसे किसी भी अन्‍य ID से ज्‍यादा सुरक्षित बनाती हैं। FAQ में कुछ अन्‍य सवालों के जवाब भी होंगे, जैसे क्‍या किसी के केवल आधार नंबर से जालसाजी करके बैंक अकाउंट खोला जा सकता है या फिर पैसे निकाले जा सकते हैं?

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