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10 में से 8 भारतीयों को आधार डाटा चोरी होने का डर, स्‍टडी में हुआ खुलासा

फेसबुक से डाटा लीक होने के बाद भारत के इंटरनेट यूजर्स में डाटा की सिक्‍योरिटी को लेकर चिंता तेज हो गई है।

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नई दिल्‍ली. फेसबुक से डाटा लीक होने के बाद भारत के इंटरनेट यूजर्स में डाटा की सिक्‍योरिटी को लेकर चिंता तेज हो गई है। इसमें आधार डाटा की सिक्‍योरिटी भी प्रमुख मुद्दा बन चुकी है। मार्केट रिसर्च और एनालिसिस कंपनी वेलोसिटी एमआर की एक नेशनल स्‍टडी से सामने आया है कि 10 में से 8 भारतीयों को आधार डाटा चोरी होने का डर सता रहा है। 

 

यह स्‍टडी 5,800 लोगों पर की गई, जिनमें से 80 फीसदी लोगों ने यह माना कि वे आधार डाटा की सिक्‍योरिटी को लेकर चिंतित हैं। उन्‍हें लगता है कि सरकार को उनके ऑनलाइन डाटा की सुरक्षा को लेकर कदम उठाना चाहिए। यह नेशनल स्‍टडी दिल्‍ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्‍नई, अहमदाबाद और पुणे जैसे शहरों में की गई। 

 

ऑनलाइन किसी न किसी फॉर्म में मौजूद रहता है डाटा 

वेलोसिटी एमआर के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और CEO जेसल शाह ने कहा कि जब भी हम ऑनलाइन जाते हैं तो इसका कोई न कोई डिजिटल फुटप्रिन्‍ट छूट ही जाता है। पर्सनल इनफॉरमेशन से लेकर फाइनेंशियल डाटा और बायोमेट्रिक डिटेल्‍स आदि सभी डाटा किसी न किसी फॉर्म में या विभिन्‍न विदेशी सर्वर्स पर एक्‍सेस किया जा सकता है। यह डाटा किस-किस जगह पर पहुंचा है, इसका कोई ओर-छोर नहीं होता। नया अमल में आने वाली जनरल डाटा प्रोटेक्‍शन रेगुलेशन (GDPR) प्रणाली इंटरनेट कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि वे तत्‍काल प्रभाव से अपनी सिक्‍योरिटी पॉलिसीज को कड़ा कर दें। बता दें कि GDPR को यूरोप ने ईजाद किया है और इसे सभी टेक कंपनियां अपनाने वाली हैं। 

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फेसबुक डाटा लीक घटना के बाद बढ़ी जागरुकता 

बता दें कि हाल ही में फेसबुक से डाटा चोरी होने का मामला सामने आया था। ब्रिटिश डाटा एनालिटिक्‍स फर्म कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा लाखों फेसबुक यूजर्स का डाटा चुराए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद डाटा सिक्‍योरिटी, इनफॉरमेशन प्राइवेसी, यूजर के अधिकार और पॉलिसीज जैसे मुद्दों पर बड़े पैमाने पर जागरुकता फैल गई। बढ़ते दबाव ने कंपनियों को अपने प्राइवेसी प्रोटेक्‍शन नियमों का रिव्‍यू करने और इन्‍हें मजबूत करने के लिए मजबूर कर दिया। 

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आधार से हुए 1900 करोड़ से ज्‍यादा ऑथेंटिकेशन 

यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के चेयरमैन जे सत्‍यनारायण के मुताबिक, आधार के लिए अब तक 121 करोड़ से ज्‍यादा भारतीय इनरॉल हो चुके हैं। वहीं आधार को 1900 करोड़ से ज्‍यादा ऑथेंटिकेशन के लिए इस्‍तेमाल किया जा चुका है। 

 

10 में से 4 के बीच घटा फेसबुक का क्रेज 

स्‍टडी से यह भी सामने आया कि हर 10 में से 4 लोगों का हाल के महीनों में फेसबुक के प्रति रुचि कम हुई है। उत्‍तरदाताओं में से एक तिहाई ने कहा कि वे फेसबुक पर बने रहेंगे लेकिन कम चीजें शेयर करेंगे। लोगों का यह भी मानना है कि सोशल मीडिया साइट्स फाइनेंशियल ट्रान्‍जैक्‍शन के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं लेकिन वे इनका इस्‍तेमाल करना नहीं छोड़ेंगे। फेसबुक से जुड़े रहने की इच्‍छा जताने वालों में ज्‍यादातर लोग 46 से 60 वर्ष की उम्र के रहे। 

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