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Home » Economy » Policy50,000 crore will be spent in two months, chance of earning in every sector

दो महीने में खर्च होंगे 50,000 करोड़, हर क्षेत्र में कमाई का मौका

प्रियंका साड़ी तो नमो टी-शर्ट, मग बेचकर कमा रहे हैं रोजाना 5000 रुपए

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नई दिल्ली। सिर्फ दो महीने में देश में 50,000 करोड़ रुपए खर्च होने जा रहे हैं। इससे छोटे कारोबारियों से लेकर कमाई की तलाश में रहने वालों को भी फायदा होने जा रहा है। क्योंकि 50,000 करोड़ के खर्च होने से बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और हर क्षेत्र में मांग निकलेगी। माना जा रहा है कि दो महीनों के बाद कंज्यूमर गुड्स से लेकर सुस्त पड़े ऑटो क्षेत्र की मांग में भी बढोतरी होगी।

भारत में चल रहे चुनाव के दौरान 50,000 करोड़ के खर्च का अनुमान है।

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के अनुमान के मुताबिक भारत में चल रहे चुनाव के दौरान 50,000 करोड़ के खर्च का अनुमान है। अनुमान में कहा गया है कि यह दुनिया का सबसे महंगा चुनाव होगा। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में नमो ब्रांड के टी-शर्ट से लेकर मग, कैप झंडे आदि बेचने वाले दुकानदार संजय गोयल ने बताया कि उत्तर भारत के कई शहरों से उनके पास रोजाना सैकड़ों नमो टी-शर्ट व अन्य चुनाव सामग्री की मांग हो रही है। उन्होंंने बताया कि उनके जैसे कई दुकानदार भाजपा कार्यालयों से संपर्क कर नमो कैप एवं टी-शर्ट जैसी चीजों की सप्लाई दे रहे हैं। गोयल ने बताया कि एक दिन में 5000-10,000 रुपए बिक्री मामूली बात है।

पहले चुनावों में झंडे का कारोबार खूब होता था, लेकिन अब पैटर्न बदल गया है।

सदर बाजार के एक अन्य दुकानदार गोविंद मित्तल ने बताया कि पहले चुनावों में झंडे का कारोबार खूब होता था, लेकिन अब पैटर्न बदल गया है। अब कैप, टी-शर्ट जैसी चीजों की मांग ज्यादा होती है। चांदनी चौक की दुकानों में इन दिनों प्रियंका साड़ी, मोदी गमछा और मोदी साड़ी की भी खूब बिक्री हो रही है। प्रियंका और मोदी के नाम के स्टीकर बेचने वाले दुकानदार ने बताया कि कम से कम रोजाना 2000-4000 रुपए के स्टीकर की बिक्री हो रही है।

क्लोथ मार्केट के कारोबार सुरेश कथुरिया ने बताया कि पहली बार नेताओं के नाम की साड़ी की इतनी लोकप्रियता दिख रही है। थोक में प्रियंका एवं मोदी साड़ी की कीमत 100 रुपए के आसपास चल रही है। उन्होंने बताया कि मोदी साड़ी की सप्लाई मुख्य रूप से गुजरात से हो रही है और इसकी काफी मांग निकल रही है।

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चुनाव के इस महा त्योहार में टेंट कारोबारियों के कारोबार में दोगुने की बढ़ोतरी हो गई है।

 

चुनाव के इस महा त्योहार में टेंट कारोबारियों के कारोबार में दोगुने की बढ़ोतरी हो गई है। वजीरपुर इलाके में टेंट का काम करने वाले राम रतन गोयल ने बताया कि उनके पास टेंट के बड़े कारोबारियों ने पहले से अप्रैल एवं मई के लिए बुकिंग करा रखी है। एडवांस में भुगतान भी है। उन्होंने बताया कि गली-मोहल्ले स्तर पर कोई जनसभा करने पर टेंट का खर्च 10,000 रुपए तक बैठता है। साउंड से जुड़े कारोबारियों की भी इन दिनों खूब मांग चल रही है। ऑडियो एवं साउंड के कारोबारी जो लाउडस्पीकर मुहैया कराते है और जन सभाओं में साउंड सिस्टम की फिटिंग करते हैं, ने बताया कि छोटे शहर एवं गांव में एक दिन के लिए लाउडस्पीकर का किराया 1000 रुपए तक चल रहा है। जनसभाओं के लिए वे घंटे के हिसाब से ऑडियो सिस्टम चलाने का ठेका लेते हैं।

बुलेट प्रूफ गाड़ी और एयरक्राफ्ट का कारोबार

 

इस प्रकार की गाड़ियों की तैयारी ऑर्डर के हिसाब से की जाती है। इस क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक बुलेटफ्रूफ के साथ चुनाव प्रचार के हिसाब से गाड़ियों को मोडिफॉय किया जाता है। इसका खर्च 7 लाख से लेकर 20 लाख रुपए तक हो सकता है। खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ियों में क्या-क्या बदलाव हो रहे हैं और गाड़ी कौन सी है। राजनैतिक पार्टी सूत्रों के मुताबिक हेलीकॉप्टर का किराया इस बार 80,000-100000 रुपए प्रति घंटा चल रहा है। प्रीमियम टाइप के हेलीकॉप्टर का किराया 3 लाख रुपए प्रतिघंटा चल रहा है।

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