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5 मौके, जब पीछे हटी सख्‍त मोदी सरकार

4 साल के कार्यकाल में एक दो बार ऐसे मौके और भी आएं हैं, जब बेहद सख्‍त मोदी सरकार को भी पिघलना पड़ा है....

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सख्‍त कार्यशैली का पीएम माना जाता रहा है। यह आम धारणा है कि एक बार फैसला लेने के बाद मोदी सरकार कदम पीछे नहीं खींचती है। याद करिए नोटबंदी विपक्ष की लगातार विरोध और मांग के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसला वापस लेने से माना कर दिया। इससे भी पहले कई ऐसे मौके देखे गए जब मोदी सरकार ने फैसला वापस लेने से इनकार कर दिया। 

..पर फेक न्‍यूज पर मोदी ने पलटा फैसला 

हालांकि मोदी सरकार ने हाल में फेक न्‍यूज को लेकर अपना फैसला बदल दिया। स्‍मृति ईरानी के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने निर्देश जारी कर फेक न्‍यूज देने वाले पत्रकारों की मान्‍यता रद्द करने की बात कही थी।  इसके तहत पहली बार फेक न्यूज देने के दोषी पाए जाने वाले पत्रकार की छह महीने के लिए मान्यता निलंबित करने, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर एक साल के लिए और तीसरी बार दोषी पाए जाने पर हमेशा के लिए मान्यता रद्द करने का प्रावधान किया गया था। इसका विपक्ष के अलावा पत्रकार संगठनों से भी विरोध किया था। इसके बाद प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर फैसले को पलट दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खुद मोदी के हस्‍तक्षेप के चलते यह फैसला पटला गया।

 

इससे पहले भी पलटे फैसले 
यह पहली बार नहीं है, जब मोदी सरकार को अपना ही फैसला पलटने पर मजबूर होना पड़ा है। 4 साल के कार्यकाल में एक दो बार ऐसे मौके और भी आएं हैं, जब बेहद सख्‍त मोदी सरकार को भी पिघलना पड़ा है। आइए जानते हैं इन्‍हीं फैसलों के बारे में....   

नंबर-1: हर महीने LPG सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला वापस  

 

टाइम : दिसंबर 2017 
 

क्‍या था मामला:  मोदी सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को 1 जुलाई, 2016 से हर महीने 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम 2 रुपए (वैट शामिल नहीं) बढ़ाने की अनुमति दी थी। इस फैसले के बाद 10 बार एलपीजी के दाम बढ़ाए गए। दरअसल सरकार का मकसद था कि एलपीजी पर दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में इसका विरोध शुरू हो गया। इसके बाद अक्‍टूबर 2017 इस आदेश को रोक दिया गया। इस  फैसले के तहत बाद में हर माह सिलेंडर के दाम में 4 रुपए की बढ़ोतरी लागू कर दी गई थी। 

 

नंबर-2: जानवरों की खरीद-फरोख्‍त पर रोक का फैसला वापस लिया 
 

टाइम: नवंबर 2017 
 

क्‍या था ममला: जानवरों की तस्‍करी पर रोकथाम के लिए मोदी सरकार मई 2017 में नया कानून "जानवरों से क्रूरता पर रोकथाम (पशुधन बाजार नियमन) नियम 2017" लेकर आई। इसके तहत देशभर में काटने के लिए जानवरों की बिक्री पर बैन लगा दिया गया। इसके बाद भाजपा शासित  कई राज्‍यों की सरकारें विवाद में आए गई। कानून पास होने के बाद कई जगहों पर गौ संरक्षण और गौहत्या को लेकर हिंसा करने के मामले सामने आए। इसके बाद नवंबर 2017 को मोदी सरकार ने इस बैन को हटा दिया  और अधिसूचना वापस ले ली गई। 

 

नंबर-3: सरकार ने ईपीएफ पर ब्‍याज लगाने का फैसला वापस लिया 

 

टाइम: मार्च 2016 
 

क्‍या था मामला: वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने वित्‍त वर्ष 2016-17 के लिए पेश बजट में एक नया प्रावधान किया था। इसके तहत अगर आप ईपीएफ से 40 फीसदी से ज्‍यादा निकालते हैं तो उसपर आपको टैक्‍स देना होगा। इसके साथ ही अप्रैल 2016 के बाद से जमा रकम के 60 फीसदी हिस्‍से पर भी टैक्‍स लगाने की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में कर्मचारी संगठनों और खुद ईपीएफओ के दबाव के बाद मोदी सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने खुद फैसला वापस लेने की संसद में घोषणा की।   

 
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