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Home » इकोनॉमी » पॉलिसी17 World's highest bridges on cable wires

17 केबल तारों पर टिका होगा दुनिया का सबसे ऊंचा पुल, एफिल टावर से 35 मीटर अधिक है ऊंचाई, भारत के इस शहर में बन रहा है

इंजीनियरिंग का अनोखा अजूबा होगा यह ब्रिज, लागत 1100 करोड़ रुपए

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनाया जा रहा है। इसकी ऊंचाई एफिल टावर से करीब 35 मीटर अधिक होगी। साल 2019 तक इसके तैयार हो जाने की उम्मीद है। दुर्गम क्षेत्र में करीब 1100 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे अर्धचंद्र आकार के इस बड़े ढांचे के निर्माण में 24,000 टन इस्पात इस्तेमाल किया जाएगा और यह नदी के तल से 359 मीटर ऊंचा होगा। एफिल टावर 273 मीटर ऊंचा है। यह पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बेईपैन नदी पर बने चीन के शुईबाई रेलवे पुल (275 मीटर) का रिकॉर्ड तोड़ेगा।

ना ब्लास्ट का डर ना ही तूफान का

यह पुल 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा को झेल सकता है। इस पुल पर ब्लास्ट का भी कोई असर नहीं होगा। इंजीनियरिंग का 1.315 किलोमीटर लंबा यह अजूबा बक्कल (कटरा) और कौड़ी (श्रीनगर) को जोड़ेगा। यह पुल कटरा और बनिहाल के बीच 111 किलोमीटर के इलाके को जोड़ेगा जो, उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है।

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इस ब्रिज को बनाने में इस तकनीक का किया जा रहा है इस्तेमाल

चिनाब ब्रिज बनाने में मेहराब तकनीक (हैंगिंग आर्च) का इस्तेमाल हो रहा है। आर्च पिछले साल ही बना लिया गया था। यह पुल ऑनलाइन माॅनीटरिंग एंड वॉर्निंग सिस्टम से लैस होगा। इस ब्रिज के निमार्ण में 29 हजार मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

 

यह है इस पुल की खासियत

 

52 किलाेमीटर के इस पुल में 17 टनल और 23 ब्रिज है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट 345 किमी लंबा है। इस प्रोजेक्ट का एक हिस्सा जो कटरा से धरम के बीच 100 किमी लंबा है, उसमें 52 किमी का रेल मार्ग कोंगण रेलवे बना रहा है।

 

 

 

2019 है डेडलाइन

 

परियोजना में शामिल रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस पुल का निर्माण कश्मीर रेल लिंक परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है और पूरा होने पर यह इंजीनियरिंग का एक अजूबा होगा। इसके वर्ष 2019 में पूरा होने की उम्मीद है। ऐसी आशा है कि यह इलाके में पर्यटकों के आकर्षण का एक केंद्र बनेगा। निरीक्षण के मकसद के लिए पुल में एक रोपवे होगा।  पुल की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस पुल से राज्य में आर्थिक विकास और सुगमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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