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रीसाइक्लिंग से पैदा होंगे रोजगार, कच्चे माल की परेशानी भी हो सकती है खत्म

रीसाइक्लिंग उद्योग पैदा कर सकता है नौकरियां

employment through recycling industry

नई दिल्ली. 

खनिज, धातु, धातु विज्ञान और सामग्री की 12वीं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी (एमएमएमएम 2018) और सम्मेलन का 12,000 लोगों ने दौरा किया। इसमें 15 देशों के 525 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। खनिज समृद्ध राज्य झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और गुजरात से भागीदारी के अलावा यहां विदेशों से चीन, आॅस्ट्रिया, फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी, इटली, रूस, स्पेन, ब्रिटेन और यूएसए से इसमें भाग लिया है। 

आईटीईआई के निदेशक संजीव बत्रा ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एमएमएमएम 2018 एक प्रतिस्ठित मंच है। जहां व्यापार खरीदारों ने इस्पात, धातु, कोयले, खनिज, फोर्जिंग के बारे में बातचीत की। एमएमएमएम 2018 को 12000 से अधिक व्यापारी पहुंचे और 100 से अधिक निवेशकों और दुनिया के प्रतिभागियों ने यहां का दौरा किया। यह क्षेत्र देश के जीडीपी का 4.5 प्रतिशत योगदान देता है।

रीसाइक्लिंग उद्योग पैदा कर सकता है नौकरियां 

संयुक्त राज्य अमेरिका के स्क्रैप रीसाइक्लिंग इंडस्ट्रीज जोन आईएसआरआई के अनुसार यूएसए में स्क्रैप उद्योग ने 2015 में 1,50,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां और 3,23,000 से ज्यादा अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं। वहीं, चीन में भी रीसाइक्लिंग उद्योग ने 1.5 मिलियन प्रत्यक्ष नौंकरियां और लगभग 10 मिलियन अप्रत्यक्ष नौंकरियां पैदा की हैं। 

बंगलुरु जितनी बड़ी जगह चाहिए होगी कचरा फेंकने के लिए 

सीपीसीबी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2014-15 में ठोस कचरे का 91 प्रतिशत एकत्र किया गया था, जिसमें से केवल 27 प्रतिशत पर काम किया गया और शेष 73 प्रतिशत डंप साइटों पर भेज दिया गया। हालिया अध्ययन से संकेत मिलता है कि भारत को 2030 तक अपने सभी कचरे को डंप करने के लिए बैंगलौर के आकार के  88 वर्ग किलोमीटर के लैंडफिल की आवश्यकता होगी। 

 

रीसाइक्लिंग अब तक संगठनात्मक अक्षमताएं, विकृत प्रोत्साहन, जर्जर आधारभूत संरचनाएं, उपेष्टतम वित्त पोषण कम होने के कारण सफल नहीं है। अमेरिका और चीन की तरह, सरकार रीसाइक्लिंग उद्योगांे का विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा में संचालित करने में सहायता के लिए समर्पित सामग्री रीसाइक्लिंग जोन (एमआरजेडएस ) भी स्थापित कर सकती है।

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