रिकाॅर्ड /पांच साल में सबसे निचले स्तर पर मानसूनी बारिश, जून में हुई मात्र 34 फीसदी बारिश

  • 16 फीसदी पानी की जरूरत से ज्यादा बर्बादी

Moneybhaskar.com

Jul 01,2019 11:24:31 AM IST

नई दिल्ली. मानसूनी सीजन का पहला महीना बीत चुका है, लेकिन अभी भी देशभर में बारिश सामान्य से 34 फीसदी कम हुई है जिस कारण देश के 29 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के किसान प्रभावित हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जून में केवल 6 राज्यों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है जबकि इस दौरान केवल एक राज्य में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। अल नीनो के प्रभाव की वजह से जून महीने में देश में मानसून की बारिश पांच साल के निचले स्तर पर है। पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ इलाकों में बारिश में तेजी के बावजूद, तमाम क्षेत्रों में अब तक बारिश में खासी कमी दर्ज की गई है। पिछले पांच साल में इस बार जून का महीना सबसे ज्यादा सूखा गुजरा। बारिश में कमी से अभी तक खरीफ फसलों की बुआई में करीब साढ़े आठ प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।

देश में मानसून की बारिश में कुल 34 फीसदी की कमी दर्ज की गई है

मौसम विभाग के मुताबिक, अभी तक देश में मानसून की बारिश में कुल 34 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। कई इलाकों में इसमें 60 से 81 फीसदी तक की भी कमी रिकॉर्ड की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में गांगेय वेस्ट बंगाल में 58 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है। यहां अभी तक 244.3 मिमी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन हुई है महज 101.7 मिमी। इसी तरह झारखंड में 53 फीसदी, बिहार में 41 और असम-मेघालय में 22 प्रतिशत की कमी है।

बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का बना हुआ है क्षेत्र

मौसम की निजी जानकारी देने वाली स्काईमेट के अनुसार पंजाब से हरियाणा, उत्तरी उत्तर प्रदेश, बिहार के निचले इलाकों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। साथ ही एक अन्य ट्रफ रेखा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम से बांग्लादेश होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भागों तक भी फैली हुई है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के भागों पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

16 फीसदी पानी की जरूरत से ज्यादा बर्बादी

देश के कई हिस्सों में भीषण जल संकट के बीच सरकार की तरफ से आंकड़े जारी किए गए हैं जिसमें बताया गया है कि देश के कुछ हिस्सों में जरूरत से ज्यादा पानी की बर्बादी हो रही है। जारी आंकड़ों के मुताबिक, 16 फीसदी तालुका (तहसील), मंडल और ब्लॅाक स्तर में भूजल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल होता है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.