बजट 2019 /ज्यादा कर्ज बांटने के लिए सरकार बैंकों को दे सकती है 30 हजार करोड़ रुपए की मदद

Moneybhaskar.com

Jun 17,2019 11:32:36 AM IST

नई दिल्ली. छोटे कर्ज बांटकर कुटीर व लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार आम बजट में सरकारी बैंकों को मदद का प्रावधान कर सकती है। इसके लिए वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों के पूंजी आधार का मूल्यांकन कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक बैंको को न्यूनतम पूंजी की शर्त को पूरा करने में मदद के लिए चालू वित्त वर्ष के आम बजट में 30,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी।

आर्थिक वृद्धि दर घटने की वजह से बैंकों की मदद जरूरी

आर्थिक वृद्धि नरम हो कर 2018-19 में 6.8 प्रतिशत पर आ गयी है। बजट में वृद्धि को तेज करने की चुनौती है। इसमें बैंकिंग क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा। सरकार ज्यादा कर्ज बांटकर आर्थिक वृद्धि दर में इजाफा करना चाहती है। वहीं, सरकारी बैंकों को निजी और व्यावसायिक काम के लिए पर्याप्त पूंजी की आवश्यकता होगी। इसके अलावा आरबीआई के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) ढांचे के तहत पांच कमजोर बैंकों को बासेल-3 नियमों के तहत जरूरी पूंजी बनाये रखने की भी जरूरत होगी।

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बैंकों के विलय के लिए भी पूंजी की जरूरत

सूत्रों ने बताया कि अगर सरकार बैंक ऑफ बड़ौदा की तरह कुछ अन्य बैंकों के एकीकरण पर भी विचार करती है तो उसके लिए भी अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होगी। उल्लेखनीय है कि बीओबी में देना बैंक और विजया बैंक के विलय के कारण अतिरिक्त खर्च की पूर्ति के लिए सरकार ने 5,042 करोड़ रुपये की पूंजी नए बैंक में डाली थी। सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 1,06,000 करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध कराई थी।

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