कूटनीति /ग्लोबल प्रेशर में झुका चीन, Belt and Road प्राेजेक्ट में नहीं कर पाएगा मनमानी

  • अमेरिकी सरकारका मानना है कि चीन बेल्ट एंड रोड मुहिम के जरिये छोट देशों को ‘ऋण के जाल’ में फंसा रहा है।

Money Bhaskar

Apr 26,2019 05:54:23 PM IST

नई दिल्ली. चीन अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) पर बढ़ते दबाव के आगे आखिरकार झुक ही गया। भारत समेत दुनिया के तमाम की ओर से इस प्रोजेक्ट पर आपत्ति जताने के बाद चीन को प्रोजेक्ट खतरे में जाता नजर आने लगा था, जिसके बाद चीन ने वादा किया है कि इस प्रोजेक्ट को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'बेल्ट एंड रोड फोरम (बीआरएफ)’ की दूसरी बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि चीन 'मुक्त , हरित और स्वच्छ सहयोग' के आधार पर अपनी अरबों डॉलर की बेल्ट एवं रोड पहल (बीआरआई) का निर्माण करना चाहता है। इस बैठक में 37 देशों के प्रमुख के अलावा 150 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

आलोचना के बाद किया ये फैसला

कई देश इस प्राजेक्ट की लंबे समय से आलोचना कर रहे हैं। इसे गरीब देशों को 'कर्ज के जाल' में फंसाने वाला प्रोजेक्ट कहा जा रहा है। इतना ही नहीं, भारत समेत कई देशों का यह भी मानना है कि इस प्रोजेक्ट की आड़ में चीन दुनियाभर में अपना अधिकार जमाने की कोशिश में है। यही कारण है कि ये देश इस प्रोजेक्ट को रोकने का दबाव बना रहे थे। ऐसे में चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत टेंडर और बिडिंग की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाया जाएगा।

CPEC से भारत को है समस्या

भारत बीआरआई (BRI) की CPEC (चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) परियोजना का लगातार बहिष्कार करता आया है। दरअसल, 60 अरब डॉलर (तकरीबन 4.2 लाख करोड़ रुपए) से तैयार होने वाला चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरेगा। भारत इसका विरोध कर रहा है। यह बीआरआई की प्रमुख परियोजना है।

अमेरिका ने बनाई दूरी

इस बार भारत की तरह अमेरिका ने भी खुद को बैठक से दूर रखा है। अमेरिकी सरकार बीआरआई को लेकर काफी गंभीर है और उसका मानना है कि चीन बेल्ट एंड रोड मुहिम के जरिये छोट देशों को ‘ऋण के जाल’ में फंसा रहा है। हालांकि अमेरिका के इस आरोप के जवाब में चिनफिंग ने बैठक के दौरान कहा कि यह पहल 'कोई विशेष क्लब नहीं है।'

क्या है Belt and Road प्रोजेक्ट

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता में आने के बाद बीआरआई परियोजना को शुरू किया था। यह परियोजना दक्षिणपूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को सड़क एवं समुद्र मार्ग से जोड़ेगी। बैठक में जिनपिंग ने कहा कि, बेल्ट एंड रोड पहल के संयुक्त निर्माण ने विश्व की आर्थिक वृद्धि के लिए नए द्वार खोले हैं और इस पहल ने अंतराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नया मंच भी तैयार किया है।

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