पलटवार /कमाई पर आई आंच तो बौखला गया अमेरिका, भारत को दी H-1B वीजा घटाने की धमकी

  • अमेरिका ने भारत को सीधे तौर पर बता दिया है कि वह ऐसा करने वाले देशों के लिए एच1बी वर्क वीजा (H-1B visas) सीमित करने पर विचार कर रहा है

Moneybhaskar.com

Jun 20,2019 01:03:00 PM IST


नई दिल्ली. भारत की विदेशी कंपनियों पर स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोरेज को लेकर दबाव बनाए जाने से अमेरिका बुरी तरह बौखला गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने भारत को सीधे तौर पर बता दिया है कि वह ऐसा करने वाले देशों के लिए एच1बी वर्क वीजा (H-1B visas) सीमित करने पर विचार कर रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड टेंशन आगे और बढ़ सकती है।

सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के दौरे से पहले बड़ा फैसला ले सकता है अमेरिका

अमेरिका के यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पॉम्पिओ (Mike Pompeo) के भारत दौरे से ठीक पहले लोकप्रिय एच-1बी वीजा (H-1B visa) प्रोग्राम पर बंदिशें लगाने की योजना है, जिसके तहत कुशल विदेशी वर्कर काम करने के लिए भारत पहुंचते हैं।

भारत डाटा स्टोरेज को लेकर बना रहा है नियम

गौरतलब है कि भारत विदेशी कंपनियों पर स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोरेज के लिए दबाव बना रहा है, जिसका असर मुख्य रूप से वीजा और मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों पर पड़ेगा। इससे अमेरिकी सरकार का खासी क्षुब्ध है। वहीं अमेरिका के एच-1 बी वीजा प्रोग्राम का भारत खासा फायदा उठाता रहा है और भारतीय वर्कर बड़ी आईटी कंपनियों में काम करने के लिए अमेरिका जाते रहे हैं।

भारत ने 29 यूएस आइटम्स पर लगाया है टैरिफ

यह धमकी इसलिए भी अहम है, क्योंकि भारत ने हाल में अमेरिका से आने वाले 29 आइटम्स पर टैरिफ लगाया है। इससे पहले अमेरिका भी भारत को ट्रेड प्रिवलेज वापस ले ली थी, जिसके तहत वह भारतीय आइटम्स को ड्यूटी से छूट देता था। आगे भी पढ़ें...

 

अमेरिका घटाकर 10 फीसदी कर सकता है एच-1बी वीजा कोटा

भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि अमेरिका सरकार ने हाल में उन्हें भारत को दिया जाने वाला सालाना एच-1बी वीजा कोटा 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करने की योजना के बारे में बताया था। हालांकि अभी तक 85 हजार एच-1बी वर्क वीजा में किसी देश के लिए कोई सीमा नहीं है और अनुमानित तौर पर इसका 70 फीसदी फायदा भारतीयों को ही मिलता है।

 

 

अमेरिकी कंपनियां कर रही हैं लॉबीइंग

दोनों अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस योजना के भारत की ‘डाटा लोकलाइजेशन’ की मुहिम से संबद्ध होने के बारे में बता दिया गया है। इसमें एक देश डाटा पर बेहतर नियंत्रण के लिए बंदिशें लगाता है और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारों को सीमित करता है। अमेरिकी कंपनियां दुनिया भर में डाटा लोकलाइजेशन के नियमों के खिलाफ खाली लॉबीइंग की है।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक वाशिंगटन बेस्ड इंडस्ट्री सोर्स ने कहा कि अमेरिका ग्लोबल डाटा स्टोरेज नियमों की प्रतिक्रिया में एच-1बी वीजा की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है। हालांकि सूत्रों ने कहा कि इसका लक्ष्य भारत नहीं है। 

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