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  • US has requested a WTO meeting on July 19 to launch the claim for compensation.

पॉल्ट्री विवाद: भारत पर ट्रेड प्रतिबंध के लिए WTO पहुंचा US

अमेरिका ने डबल्यूटीओ से भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध की मांग की। अमेरिका ने डबल्यूटीओ से भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध की मांग की।
भारत ने बर्ड फ्लू के डर से यूएस के साथ पॉल्ट्री ट्रेड पर रोक लगाई थी। भारत ने बर्ड फ्लू के डर से यूएस के साथ पॉल्ट्री ट्रेड पर रोक लगाई थी।

Economy Team

Jul 12,2016 09:50:00 AM IST
जेनेवा। अमेरिका ने पॉल्ट्री विवाद के मामले में वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) से भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है। डब्ल्यूटीओ ने यह जानकारी शुक्रवार को दी है। बता दें कि इस मामले में अमेरिका पहले ही डबल्यूटीओ में भारत के खिलाफ केस जीत चुका है। डबल्यूटीओ के अनुसार अमेरिका इस मामले में भारत से कंपन्सेशन भी चाहता है।
19 जुलाई को हो सकती है मीटिंग
-डबल्यूटीओ की ओर से जारी एजेंडा के मुताबिक अमेरिका ने इस मामले में 19 जुलाई को एक मीटिंग बुलाने का अनुरोध किया है।
-इस मीटिंग में वह कंपनसेशन को लेकर दावा कर सकता है। हालांकि डबल्यूटीओ का एजेंडा क्या है, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
भारत ने लगा दी थी ट्रेड पर रोक
-बता दें कि भारत ने बर्ल्ड फ्लू के संभावित डर से अमेरिका द्वारा भारत को किए जाने वाले पॉल्ट्री एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी थी।
-इसके बाद यह विवाद डब्ल्यूटीओ के पास गया था। जहां केस अमेरिका के पक्ष में गया था। पिछले साल जून में अमेरिका ने केस जीता था।
-डबल्यूटीओ ने कहा था कि अमेरिका से पॉल्ट्री मीट, अंडा और जिंदा सूअर के एक्सपोर्ट पर भारत द्वारा लगाई पाबंदी अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार अनुचित है।
-डब्ल्यूटीओ के फैसले को लागू करने के लिए भारत के पास 12-18 महीने का समय था, जिसके बाद अमेरिका इन उत्पादों का भारत में एक्सपोर्ट करना शुरू कर देगा।
भारत है अमेरिका के लिए बड़ा मार्केट
-बता दें कि अमेरिका पॉल्ट्री मीट के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। वहीं भारत, अमेरिका के लिए एक बड़ा मार्केट है।
-इसके पहले यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ऑफिस की ओर से भी कहा गया था कि अगर भारत द्वारा लगी रोक हटती है तो भारत को हर साल 30 करोड़ डॉलर का एक्सपोर्ट किया जाएगा।
-बता दें कि भारत में भी पॉल्ट्री मीट की खपत हर साल बढ़ रही है। 2013 में यह 34.5 लाख टन था, तो वहीं 2014 में 37 लाख टन के आंकड़े तक पहुंच गया था।
अगली स्लाइड में, क्या कहा था डबल्यूटीओ ने
-डब्ल्यूटीओ पैनल ने कहा था कि भारत के मापदंड मनमानेे हैं। -भारत अनुचित रूप से सदस्यों के बीच में भेदभाव करता हैं जहां एक जैसी शर्तें लागू होती हैं। -अमेरिका की ओर से भी कहा गया था कि यह बड़ी जीत है।
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अमेरिका ने डबल्यूटीओ से भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध की मांग की।अमेरिका ने डबल्यूटीओ से भारत पर व्यापारिक प्रतिबंध की मांग की।
भारत ने बर्ड फ्लू के डर से यूएस के साथ पॉल्ट्री ट्रेड पर रोक लगाई थी।भारत ने बर्ड फ्लू के डर से यूएस के साथ पॉल्ट्री ट्रेड पर रोक लगाई थी।

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