झटका /अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों को अपनी पत्नी को अमेरिका ले जाना नहीं होगा आसान

  • यह वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच खासा लोकप्रिय है।

Money Bhaskar

May 27,2019 01:03:30 PM IST

नई दिल्ली। ट्रम्प प्रशासन ने एच -1 बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों के लिए वर्क परमिट पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, यह एक ऐसा कदम है जो अमेरिका में हजारों भारतीय हाइटेक श्रमिकों के परिवारों को प्रभावित करेगा। अमेरिका में एच-1बी वीजाधारकों के जीवनसाथी (पति/पत्नी) को एच-4 वीजा दिया जाता है। यह एक गैर-प्रवासी वीजा है जो कि अमेरिकी कंपनियों को कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में विशेष योग्यता रखने वाले विदेशी कर्मचारियों की भर्ती की अनुमति देता है। यह वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच खासा लोकप्रिय है।

सरकार के इस कदम से करीब 70 हजार एच-4 वीजा धारक होंगे प्रभावित


अमेरिकी सरकार ने 22 मई को प्रस्तावित नियम-निर्माण के लिए एक नोटिस जारी किया जो एच -4 ईएडी (रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज़) पर प्रतिबंध लगाने के लिए सार्वजनिक परामर्शों में काम करेगा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल के दौरान एच-1 बी वीजा धारकों के जीवनसाथी को कानूनी तौर पर काम करने की मंजूरी दी थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन इस नियम को समाप्त करने की तैयारी में है। सरकार के इस कदम से करीब 70 हजार एच-4 वीजा धारक प्रभावित होंगे। जिनके पास काम करने की अनुमति है। इस वीजा को यूएस सिटिजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) जारी करता है। यह एच-1 बी वीजा धारकों के निकट परिजनों के दिया जाता है।

महिलाओं पर पड़ेगा इसका सबसे ज्यादा असर


एच4 वीजा एच-1बी वीजा धारकों के परिजन (पत्नी-पति और 21 साल से कम आयु के बच्चों) को दिया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल में इस नियम का सबसे ज्यादा लाभ भारतीय अमेरिकियों मिला था। नियम के प्रभावी होने से सबसे ज्यादा असर भारतीय महिलाओं पर पड़ेगा।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.