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    US में H1B वीजाधारक के पति या पत्नी की भी जॉब खतरे में, फेडरल कोर्ट में मामला

    वाशिंगटन. ट्रम्‍प सरकार ने ओबामा प्रशासन द्वारा एच1बी वीजाधारकों के पतियों या पत्नियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति के फैसले को चुनौती देने वाले एक कोर्ट केस का जवाब देने के लिए 60 दिन का समय मांगा है। ओबामा प्रशासन के इस फैसले का एच1बी कम्‍युनिटी खासकर भारतीयों की तरफ से स्‍वागत किया गया था। वहीं, कई अमेरिकन ग्रुप्‍स ने वाशिंगटन डीसी में एक फेडरल कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी।
     
    ट्रम्‍प प्रशासन के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने 1 फरवरी, 2017 को '60 दिनों के लिए कार्यवाही स्थगित करने के लिए सहमति का प्रस्ताव' नाम से एक अपील की। डिपार्टमेंट ने कोर्ट से नए प्रशासन को इस पर विचार करने के लिए पर्याप्त वक्त दिए जाने की अनुमति मांगी। H-4 वीजा मुख्य रूप से H-1B वीजाधारकों के पतियों या उनकी पत्नियों को मिलते हैं। इसके जरिए वह अमेरिका में जॉब या बिजनेस शुरू कर सकते हैं।  
     
    प्रवासियों के लिए काम करने वाली संस्‍था इमिग्रेशन वायस ने अपने बयान में कहा है कि यह चिंताजनक है। क्‍योंकि, अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन्स, जब वे अमेरिकी सेनेटर थे, ने H-4 नॉर्म्‍स को 'अमेरिकी वर्कर्स को नुकसान पहुंचाने वाला कानूनी बदलाव' कहा था। इमिग्रेशन वायस के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट अमन कपूर ने हजारों H-4 वीजाधारकों की ओर से 'मामले में दखल देने का प्रस्ताव' रखा। कपूर का कहना है कि इस केस का कोई तार्किक आधार नहीं होने के डिस्ट्रिक कोर्ट के आदेश पर अपने नेतृत्व के साथ विचार करने को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के अटॉर्नीज के लिए कुछ नहीं है।'
     
    ट्रम्‍प प्रशासन के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने वॉशिंगटन डीसी कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की है जिसमें उन लोगों के H-4 वीजा दिनों के लिए फ्रीज करने की अनुमति मांगी गई है, जिन्हें अमेरिका में रोजगार का कानूनी अधिकार प्रदान है। H-4 वीजा मुख्य रूप से H-1B वीजाधारकों के पतियों या उनकी पत्नियों को मिलते हैं।
     
    क्‍या है मामला?
    2015 फरवरी में ओबामा प्रशासन ने एक नियम जारी कर उन H-1B वीजाधारकों के योग्य पतियों या पत्नियों को रोजगार प्राप्त करने का अधिकार दिया जो अमेरिका का ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। नियम लागू होने के तुरंत बाद सेव जॉब्स यूएसए नाम के एक ग्रुप ने मुकदमा दायर कर दिया, लेकिन एक डिस्ट्रिक कोर्ट ने कहा कि ओबामा प्रशासन के नियम पर कानूनी विचार करने या इस पर रोक लगाने का कोई तार्किक आधार नहीं है।
     
    इसके बाद सेव जॉब्स यूएसए अपील्स कोर्ट चला गया और ट्रंप प्रशासन के सत्ता संभालते ही प्राथमिकी दर्ज करवा दी। डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने भी इसे सपोर्ट किया और 1 फरवरी, 2017 को '60 दिनों के लिए कार्यवाही स्थगित करने के लिए सहमति का प्रस्ताव' नाम से एक अपील की। डिपार्टमेंट ने कोर्ट से नए प्रशासन को इस पर विचार करने के लिए पर्याप्त वक्त दिए जाने की अनुमति मांगी।
     

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