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कामयाबी / भारतीय की बेइज्जती के विरोध में बनाए Youtube वीडियो से फेमस हुए थे अजय नागर, अब दुनिया की मशहूर टाइम मैगजीन में बनाई जगह

हाल ही में टाइम मैगजीन ने पीएम मोदी को देश को बांटने वाला करार दिया था जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था 

The Youtube video, which was made in protest against the humiliation of Indian, was made up of Ajay Nagar, now the world's famous Time magazine
  •  नागर ने पहला वीडियो 10 साल की उम्र में डाला था।
  • यूट्यूब पर नागर के करियर ने तब उछाल पकड़ी जब उन्होंने विवादास्पद स्वीडिश यूट्यूबर फेलिक्स केजेलबर्ग के खिलाफ एक वीडियो पोस्ट किया।

नई दिल्ली. टाइम मैगजीन ने हाल ही में पीएम मोदी को डिवाइडर इन चीफ (देश का बांटने वाला प्रमुख) बताया था, जिसे लेकर टाइम मैगजीन काफी विवाद हुआ था। इसी टाइम मैगजीन में अब अजय नागर ने जगह बनाई हैं, जो दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद शहर के रहने वाले हैं। मैगजीन ने नागर को ‘नेक्सट जनरेशन लीडर्स, 2019’ में शुमार किया है। इस सूची में दुनियाभर के केवल 10 युवाओं को जगह मिली है जो यूट्यूब पर राजनीति, संगीत और अन्य क्षेत्रों में नए मुकाम हासिल कर रहे हैं।

भारतीय के बेज्जती के जवाब देकर बटोरी थी शोहरत 

नागर का पहला वीडियो 10 साल की उम्र में डाला था। यूट्यूब पर नागर के करियर ने तब उछाल पकड़ी जब उन्होंने विवादास्पद स्वीडिश यूट्यूबर फेलिक्स केजेलबर्ग के खिलाफ एक वीडियो पोस्ट किया। दरअसल, केजेलबर्ग ने एक भारतीय की टूटीफूटी अंग्रेजी का मजाक उड़ाया था। जिसके बाद नागर ने हिंदी में रैप के जरिये केजेलबर्ग पर वीडियो पोस्ट किया और कहा कि एक दिन भारत पूरी दुनिया पर राज करेगा। नागर का यह वीडियो इतना वायरल हुआ कि उन्हें दुनिया में पहचाना जाने लगा। 

70 लाख सब्सक्राइबर हैं नगार के 

कैरीमिनाटी' के नाम से मशहूर यूट्यूब चैनल चलाने वाले भारतीय यूट्यूबर अजय नागर के यूट्यूब चैनल के करीब 70 लाख सब्सक्राइबर हैं। अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति और हिंदी शब्दों को बेहतरीन एवं अलग अंदाज में पेश करने के चलते नागर भारत में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले यूट्यूबर में से एक हैं। नागर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता के लिए उन्हें अंग्रेजी में अपना कार्यक्रम पेश करने की जरूरत नहीं है। उनका मानना है कि उनकी लोकप्रियता उनकी जड़ों से जुड़े रहने की क्षमता में निहित है और उनमें पश्चिमी लोगों के लिए खुद में बदलाव लाने की कोई इच्छा नहीं रखते। 

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