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International Day of Biodiversity 2019 / बायोडायवर्सिटी को बचाने के लिए दुनिया को हर साल खर्च करने होंगे 7 लाख करोड़ रुपए

जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की करोड़ों प्रजातियों पर विलुप्ती का खतरा मंडरा रहा है।

Saving biodiversity may cost the world 100 billion dollars a year
  • हर साल 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैवविविधता दिवस मनाया जाता है।
  • इस साल इसकी थीम है- ‘हमारी जैवविविधता, हमारा भोजन, हमारी सेहत।’

नई दिल्ली.

धरती की जैवविविधता यानी बायोडायवर्सिटी को बचाए रखने के लिए दुनिया को हर साल 100 अरब डॉलर यानी 7 लाख करोड़ रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसा कहना है उन वैज्ञानिकों का जो, धरती पर अब तक हुई विलुप्तियों का अध्ययन कर चुके हैं। एक महीने पहले इन वैज्ञानिकों की तरफ से जारी की गई 'A Global Deal for Nature' रिपोर्ट के मुताबिक अगर धरती के जीव-जन्तुओं को विलुप्त होने से बचाना है, तो पूरी दुनिया को मिलकर काम करना होगा और इसमें सालाना 100 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है।

 

पूंजीवाद है इस तबाही का जिम्मेदार

हाल ही में 400 वैज्ञानिकों द्वारा मिलकर लिखी गई रिपोर्ट Intergovernmental Science-Policy Platform on Biodiversity and Ecosystem Services (IPBES) में जिक्र किया गया था कि पृथ्वी से जीवों और वनस्पतियों की करोड़ों प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं और इसके लिए पूंजीवाद जिम्मेदार है। रिपोर्ट में बताया गया कि फर्टीलाइजेशन और एकल कृषि पद्धतियों के चलते धरती के 23 फीसदी जमीनी भाग की उर्वरता खत्म हो गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकारों की तरफ से जीवाश्म ईंधन पर दी जाने वाली 345 अरब डॉलर की सालाना सब्सिडी के चलते असल में वैश्विक तौर पर 5 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान होता है, क्योंकि जमीन के नीचे से ईंधन निकालने में भी धन खर्च होता है अौर इससे प्राकृतिक संपदा भी खत्म होती है।

 

हर जगह को क्षति पहुंचा चुके हैं हम

इंसानी गतिविधियों के चलते 75 फीसदी जमीन और 66 फीसदी महासागरों में अत्यधिक तब्दीली आ गई है। आने वाले कुछ दशकों में ही करोड़ों प्रजातियों की विलुप्ती का खतरा मंडरा रहा है। अगर समय रहते एक्शन नहीं लिया गया तो 40 फीसदी एंफीबियन प्रजातियां, एक-तिहाई जलीय स्तनपायी और रीफ बनाने वाली एक-तिहाई कोरल विलुप्त हो जाएगी। 1970 से अब तक वनों की कटाई से लकड़ी जुटाने में 45 फीसदी वृद्धि हुई है। हर साल दुनिया के जलीय स्रोतों में 40 करोड़ टन जहरीली गंदगी बहाई जाती है।

 

22 मई को मनाया जाता है इंटरनेशनल डे ऑफ बायोडायवर्सिटी

पृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की विभिन्न प्रजातियों को विलुप्ती से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैवविविधता दिवस (International Day of Biodiversity) मनाया जाता है। इस साल इसकी थीम है- ‘हमारी जैवविविधता, हमारा भोजन, हमारी सेहत।’

 

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