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इन पाकिस्तानियों को चाहिए भारत से मदद, वरना हो जाएंगे बर्बाद

कारोबार के मसले पर भारत के साथ रंजिश पाकिस्‍तान के लोगों पर भारी पड़ रहा है।

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नई दिल्‍ली. कारोबार के मसले पर भारत के साथ रंजिश पाकिस्‍तान के लोगों पर भारी पड़ रही है। अपना कारोबार बर्बाद होता देख उन्‍होंने पाकिस्‍तान सरकार से भारत की मदद लेने की गुहार लगाई है। दरअसल हाल के दिनों में कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्‍तान के कपड़ा उद्योग ने वहां की सरकार से मांग की है कि वह भारत से सस्‍ते कॉटन के इम्‍पोर्ट की अनुमति दे। ऑल पाकिस्‍तान टेक्‍सटाइल मिल्‍स एसोसिएशन (Aptma) का दावा है कि अगर तत्‍काल कदम नहीं उठाए गए तो देश में टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री बर्बादी की कगार पर पहुंच सकती है। 
महंगे कॉटन से बिगड़ा खेल
पाकिस्‍तान के टेक्‍सटाइल उद्योग का खेल बिगाड़ने में वहां का महंगा कॉटन सबसे बड़ा जिम्‍मेदार है। दरअसल कपास की कम पैदावार के चलते वहां कॉटन की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। इस कीमत पर पाकिस्‍तान कपड़ा उद्योग के लिए कॉटन खरीदना घाटे का सौदा हो गया है। पाकिस्‍तान ने भारत से कॉटन के इम्‍पोर्ट पर भी पाबंदी लगा रखी है। इसके चलते पाकिस्‍तान के घरेलू मार्केट में पैदा हुई कॉटन की शॉर्टेज को पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है। 
 
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सस्‍ता होता है भारत का कॉटन 
Aptma का दावा है कि पाकिस्‍तान के घरेलू मार्केट के मुकाबले भारत से इम्‍पोर्ट होने वाला कॉटन उनके लिए सस्‍ता पड़ता है। लेकिन पाकिस्‍तान सरकार कॉटन में इम्‍पोर्ट की अनुमति नहीं देकर देश की टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री को पीछे धकेल रही है। इंडस्‍ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्‍तान सरकार ने भारत और ब्राजील से कॉटन के इम्‍पोर्ट पर पाबंदी लगा रखी है। इसके चलते घरेलू मार्केट में कॉटन की कीम‍तें 7000 रुपए (पाकिस्‍तानी) प्रति मन पहुंच गई है, जबकि भारत का कॉटन अब भी 6000 रुपए प्रति मन ही मिल रहा है। बता दें कि मन भी तौल की एक पुरानी प्रणाली है। एक मन 40 किलो के बराबर होता है।   
कॉम्‍पीटीटर्स से पिछड़ रहा है पाकिस्‍तान 
Aptma से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सरकार की गलत नीतियों के चलते पूरे कपड़ा उद्योग को महंगा कच्‍चा माल मिल रहा है। इसके चलते हमारी लागत बढ़ रही है। लागत बढ़ने से प्रोडक्‍ट महंगा हो रहा है और पाकिस्‍तान बांग्‍लादेश और श्रीलंका जैसे देशों से इटरनेशनल मार्केट में तेजी के साथ पिछड़ रहा है। Aptma के ग्रुप लीडर गोहल एजान के मुताबिक, सरकार की पॉलिसी के चलते हमारा प्रोडक्‍ट ग्‍लोबल प्राइज से कॉम्‍पीट नहीं कर पा रहा है। 
 
भारत के कॉटन पर भारी पाबंदी 
पाकिस्‍तान सरकार ने भारत से आने वाले कॉटन पर भारी पाबंदी लगा रखी है। लाहौर के एक कस्‍टम क्लियरेंस एजेंट के मुताबिक, भारत से इम्‍पोर्ट होने वाले कॉटन पर पाकिस्‍तान की सरकार 5 फीसदी सेल्‍स टैक्‍स के साथ 4 फीसदी कस्‍टम ड्यूटी तथा एक फीसदी का एडवांस इनकम टैक्‍स वूसलती है। इसके चलते हम वाघा के जरिए भारत से कॉटन नहीं मंगा पा रहे हैं। Aptma का दावा है कि किसानों की मजबूत लॉबी के चलते सरकार झुक रही है। उसे अगले चुनाव में वोट जो लेना है। 
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