CPEC /चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के प्रोजेक्ट्स और चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पेशल फोर्स तैनात करेगा पाकिस्तान

  • पाकिस्तान ने इस गलियारे को चीन और पाकिस्तान के बीच गहरी दोस्ती का प्रमाण बताया है।
  • यह चीन की Belt and Road परियोजना का हिस्सा है।
  • पाक को उम्मीद है कि इस गलियारे के बनने से आर्थिक समृद्धि आएगी और आंतकवाद पर लगाम लगेगी।

Money Bhaskar

May 19,2019 07:09:00 PM IST

नई दिल्ली.

चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट China-Pakistan Economic Corridor (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) की रक्षा के लिए पाकिस्तानी सेना एक नई टुकड़ी खड़ी करने जा रही है। एजेंसी की खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा है कि, इस गलियारे के अंतर्गत आने वाले प्रोजेक्ट्स और उनपर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सेना एक स्पेशल फोर्स तैनात करेगी। पाकिस्तानी सेना ने यह निर्णय बलूचिस्तान के एक लक्जरी होटल में हुए आतंकी हमले के बाद कही है।

15 हजार सैनिकों को किया गया है तैनात

इससे पहले भी खबरें आ चुकी हैं कि 9000 पाकिस्तानी सैनिकों और 6000 पैरामिलिट्री सैनिकों वाले Special Security Division (SSD) को CPEC प्रोजेक्ट और उसपर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है।

चीन-पाकिस्तान की दोस्ती का सबूत है यह गलियारा

मेजर जनरल गफूर ने इस गलियारे को चीन और पाकिस्तान के बीच गहरी दोस्ती का जीता-जागता प्रमाण बताया है। इस गलियारे की लागत 50 अरब डॉलर (3.51 लाख करोड़ रुपए) है। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सेना इस गलियारे की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए पहले से ही डिविजन साइज की फोर्स तैनात की जा चुकी है और एक और टुकड़ी को तैनात करने की योजना बनाई जा रही है।

आतंकवाद को खत्म करने में मदद करेगा यह गलियारा

गफूर ने कहा कि, उन्हें उम्मीद है कि इस गलियारे के बनने से आर्थिक समृद्धि आएगी, उससे आतंकियों के इरादे ध्वस्त होंगे। प्रोजेक्ट की सफलता से ज्यादा रोजगार उत्पन्न होगा और व्यापार के मौके खुलेंगे। इसके चलते लोगों का लाइफस्टाइल सुधरेगा और देश के आपराधिक तत्व गलत कारनामों को अंजाम देने में नाकाम रहेंगे।

क्या है चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा

2015 में लॉन्च किया गया प्रोजेक्ट, रोड, रेलवे और एनर्जी प्रोजेक्ट्स का एक नेटवर्क है, जो चीन के शिंजियांग प्रांत को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ेगा। यह चीन की Belt and Road परियोजना का हिस्सा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता में आने के बाद बीआरआई परियोजना को शुरू किया था। यह परियोजना दक्षिणपूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को सड़क एवं समुद्र मार्ग से जोड़ेगी।

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