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Anti Terrorism Day / आतंकवाद के चलते 18 साल में दुनिया को हुआ 55 लाख करोड़ का नुकसान

2001 में संसद हमले के बाद पाकिस्तान से टकराव में भारत को 8000 करोड़ रुपए खर्चने पड़े थे

National Anti terrorism day loss to world economy due to terrorism
  • देश में हर साल 21 मई को नेशनल एंटी-टेररिज्म डे मनाया जाता है।
  • 1989 में आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।
  • ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स, 2018 में सातवें नंबर पर रहा भारत।

नई दिल्ली.

दुनिया में हर साल आतंकी घटनाओं के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को लाखों करोड़ों रुपए का नुकसान होता है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स के मुताबिक, 2001 से लेकर 2017 तक दुनिया की अर्थव्यवस्था को 55.82 लाख करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। 2014 में अर्थव्यवस्था को होने वाली क्षति 108 अरब डॉलर (7.52 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंच गई।

 

देशों को होता हैं लाखों करोड़ों रुपए का नुकसान

अमेरिका के ट्रेड टॉवर पर 9/11 का आतंकी हमला करने में अल-कायदा को 4 से 5 लाख डॉलर का खर्च आया। लेकिन इस हमले ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था को 3.3 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

 

21 मई को मनाया जाता है नेशनल एंटी टेररिज्म डे

नेशनल एंटी-टेररिज्म डे देश में हर साल 21 मई को मनाया जाता है। 1989 में आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। यही वजह है कि लोगों को शांति और मानवता का संदेश देने के लिए आज के दिन को आतंकरोधी दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

 

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स, 2018 में सातवें नंबर पर रहा भारत

पिछले साल जारी हुए ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में 2017 में हुए आतंकी हमलों को लेकर रिपोर्ट तैयारी की गई थी। इसके मुताबिक आतंकी हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों की सूची में भारत शीर्ष दस देशों में शामिल हुआ। कुल 138 देशों में से भारत को सातवां पायदान मिला।

 

2017 में आतंक से हुई मौतें

आंतकवाद के चलते 2017 में मरने वाले कुल लोगों में से 2 फीसदी की मौत भारत में हुई। भारत में 2016 के मुकाबले 2017 में आतंकी हमलों का शिकार हाेने वाले लोगों की संख्या में 41 फीसदी इजाफा हुआ।

 

शेयर बाजार पर आतंकी हमलों का असर

11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में हुए ट्विन टॉवर हमले के बाद दुनिया का बड़ा से बड़ा कैपिटल मार्केट गिर गया। एम्सर्ट्डम मार्केट को अपने वैल्युएशन लेवल तक आने में 42 दिन लगे। टोरोंटो शेयर बाजार 44 दिन में नॉर्मल हो पाया। पेरिस शेयर बाजार 31 दिनों में और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज 37 दिनों में नॉर्मल हुआ।

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