Trade War /अमेरिका को एक और झटका देने की तैयारी में भारत, डाटा स्टोरेज नियमों की करेगा समीक्षा

  • भारत सरकार ने स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोरेज से जुड़े सख्त नियमों पर विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों की आपत्तियों पर करेगी विचार 

Moneybhaskar.com

Jun 18,2019 06:19:00 PM IST



नई दिल्ली. भारत सरकार अमेरिका को एक और झटका देने की तैयारी में है। भारत सरकार ने मंगलवार को कहा कि स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोरेज से जुड़े सख्त नियमों पर विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों की आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। यह ऐसा मुद्दा है जो मुख्य रूप से वीजा और मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों से जुड़ा है।

भारत और अमेरिका में बढ़ सकती है टेंशन

नियमों की समीक्षा का फैसला ऐसे दौर में लिया गया है, जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड टेंशन बढ़ता दिख रहा है। भारत ने हाल में 29 अमेरिकी गुड्स पर इम्पोर्ट टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था। इससे पहले अमेरिका ने भारत को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंसेस (GSP) प्रोग्राम से बाहर कर दिया था, जिसके चलते भारत से होने वाले निर्यात पर ड्यूटी पर मिलने वाली छूट खत्म हो गई थी।

आरबीआई ने अप्रैल, 2018 में दिए थे निर्देश

रिजर्व बैंक (RBI) ने बीते साल अप्रैल में पेमेंट कंपनियों से लोकल सर्वर पर अपना डाटा सुरक्षित रखने के लिए कहा था, जिसके अनुपालन के लिए 6 महीने की डेडलाइन भी तय की गई थी। इस डेडलाइन के बीतने के बावजूद वीजा और मास्टरकार्ड सहित कई विदेशी कंपनियां ऐसा करने में नाकाम रही हैं।

पीयूष गोयल ने हाल में ली थी बैठक

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि टेक इंडस्ट्री और ई-कॉमर्स कंपनियों के सथ व्यापक विचार-विमर्श किया था। मंत्रालय ने एक बयान में कहा था, ‘सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने आरबीआई की डाटा स्टोरेज की शर्तें और प्रोसेसिंग से जुड़ी आरबीआई की गाइडलाइंस पर अपनी आपत्तियां रखीं। आरबीआईके डिप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो ने इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों को उनकी आपत्तियों पर विचार करने का भरोसा दिलाया।’

डाटा स्टोरेज के लिए करना होगा अतिरिक्त निवेश

आरबीआई ने अप्रैल, 2018 में एक सर्कुलर जारी कर सभी कंपनियों को ‘पेमेंट सिस्टम से जुड़े डाटा’ को 6 महीने के भीतर भारत में स्टोर करने का सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए थे। अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आम तौर पर ग्लोबल सर्वर्स पर डाटा स्टोर करती हैं और स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोर करने के लिए उन्हें अतिरिक्त निवेश करना होगा। हालांकि सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर डाटा स्टोर करने से उसकी निगरानी और जरूरत करने पर जांच में मदद मिलेगी।
बयान में कहा गया कि मास्टरकार्ड के सीईओ अजय बंगा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मीटिंग में शामिल हुए थे।

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