रणनीति /चीन के जाल में फंसा था मालद्वीव, 10 हजार करोड़ देकर मोदी ने था उबारा

  • चीन हिंद महासागर के छोटे देशों में अपने नौसौनिक अड्डे बनाने के लिए लुभाता रहा है।
  • इससे उसे भारत की घेराबंदी करने में आसानी हो।

Moneybhaskar.com

Jun 09,2019 06:06:50 PM IST

नई दिल्ली. भारत का एक पड़ोसी देश मालदीव एक वक्त चीन के कर्ज के जाल में बुरी तरह फंस चुका था। हालांकि पीएम मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में मालद्वीव बचाने के लिए 1.40 अरब डॉलर यानी 10 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया था। इससे मालदीव की तात्कालिक आर्थिक जरूरतें पूरी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मालदीव पर चीन का 3 अरब डॉलर या 21 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। मुस्लिम बाहुल्य आबादी वाला यह देश मदद के लिए भारत, सऊदी अरब और अन्य देशों की ओर देख रहा है। गौरतलब है कि मालदीव ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए यह कर्ज लिया था और इन प्रोजेक्ट्स को चीन की कंस्ट्रक्शन कंपनियां ही पूरा कर रही हैं।

हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए अहम है मालदीव

मालदीव को भारत के नियंत्रण वाले हिंद महासागर की सुरक्षा के लिहाज से खासा अहम माना जाता रहा है। चीन हिंद महासागर के छोटे देशों में अपने नौसौनिक अड्डे बनाने के लिए लुभाता रहा है, जिससे उसे भारत की घेराबंदी करने में आसानी हो। इसी के चलते मालदीव में नई सरकार की ताजपोशी नवंबर महीने में हुई थी। भारत के लिए मालदीव इतना अहम है कि नई सरकार की ताजपोशी में शामिल होने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी रातोंरात वहां पहुंच गए थे। प्रधानमंत्री के तौर पर यह मोदी का पहला मालदीव दौरा था। वहीं पीएम मोदी अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दौरे के रुप में भी मालद्वीव को चुना।थ

पिछली सरकार पर लगे थे चीन से भारी कर्ज लेने के आरोप
मालद्वीव की आबादी लगभग 4 लाख है, जिसे अपने सफेद रेत के समुद्र तटों और नीले पानी के लिए जाना जाता है। यामीन सरकार के दौरान मालदीव के चीन के कर्ज के जाल में फंसने के आरोप लग रहे थे, जिसके चलते सोलिह को राष्ट्रपति चुनाव में यामीन को शिकस्त देने में मदद मिली।

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