विज्ञापन
Home » Economy » InternationalIran has given a big blow to India, China and Pakistan will have access to India controlled Chabar port

कूटनीति / अमेरिकी प्रतिबंध से नाराज ईरान ने भारत को झटका दिया, भारत से समझौते वाले चाबहार पोर्ट तक पहुंच सकेंगे चीन व पाकिस्तान 

पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को चाबहार बंदरगाह से जोड़ने के लिए ईरान राजी

Iran has given a big blow to India, China and Pakistan will have access to India controlled Chabar port

नई दिल्ली. ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध मानना भारत को महंगा पड़ रहा है। भारत ने प्रतिबंध के तहत सस्ता तेल लेना बंद किया तो अब ईरान ने पाकिस्तान से गलबहियां बढ़ानी शुरू कर दी है। ईरान ने कहा है कि वह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को अपने यहां स्थित चाबहार बंदरगाह से जोड़ने को राजी है और इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।  चाबहार बंदरगाह के लिए भारत, अफगानिस्तान और ईरान की साझेदारी है। अब पाकिस्तान के इसमें जुड़ने से भारत-ईरान संबंधों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं, चीन को भी इससे फायदा मिलेगा। चीन बेल्ट एंड रोड के तहत ग्वादर बंदरगाह को विकसित कर रहा है। ग्वादर से चाबहार जुड़ने पर चीन की पहुंच  तुर्कमेनिस्तान, कजाकस्तान,  अजरबेजान, दक्षिणी रूस तथा तुर्की तक हो जाएगी। 

यह भी पढ़ें : तेल के बदले चावल स्कीम पर संकट, पेमेंट अटकने के डर से भारतीय कारोबारियों ने खींचे हाथ

 

विदेश मंत्री ने पाकिस्तान दौरे पर 


ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ  इस समय पाकिस्तान की यात्रा पर हैं और इस्लामाबाद पहुंचने  के बाद उन्होंने इस आशय का प्रस्ताव पेश किया। जरीफ ने कहा,“ मैं इस समय चाबहार बंदरगाह और ग्वादर बंदरगाह को जोड़ने की पेशकश के साथ पाकिस्तान आया हूं और हमारा मानना है कि ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।” उन्होंने कहा, “ हम चाबहार और ग्वादर को जोड़ सकते हैं और इसके जरिए ग्वादर को पूरे रेल तथा सड़क मार्ग से जोड़ेंगे और फिर इससे बाकी देश जोड़ेंगे। प्रेस टीवी ने यह जानकारी दी है।  

यह भी पढ़ें : वंदे भारत का नया संस्करण स्लीपर कोच वाला, राजधानी के मुकाबले तीन घंटे की बचत होगी

 

चाबहार को ट्रांजिट हब में विकसित करने का है समझौता 


गौरतलब है कि ईरान, भारत और अफगानिस्तान ने मई 2016 में एक त्रिपक्षीय समझौता किया था जिसमें चाबहार बंदरगाह को एक ट्रांजिट हब  के रूप में विकसित कर तीनों देशों को एक नए मार्गों को खोलने की अनुमति दी गयी थी।   एक अन्य समझौता 17 फरवरी 2018 को हुआ था जिसमें ईरान ने भारत को अपने दक्षिणी शाहिद बेहिस्ती  बंदरगाह को भारत को संचालित करने की अनुमति दी थी और ऐसा करके वह पाकिस्तान से बचते हुए अफगानिस्तान, मध्य एशिया और अन्य देशों तक अपनी पहुंच बना सकेगा। इसी आधार पर भारत को ईरान ने इसी बंदरगाह के संचालन संबंधी अधिकार 18 माह के लिए भारत को दिए थे। लेकिन ईरान के पाकिस्तान के साथ नए समझौते की आंच इस पर भी पड़ेगी। 

यह भी पढ़ें : मोदी के सामने सिंधिया का महल ढहा, खुद के करीबी से ही शिकस्त मिलने के करीब

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन