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ASEAN समिट: ट्रम्प से मिले मोदी, चीन के प्रभाव से निपटने के लिए चार देशों में चर्चा शुरू

पीएम नरेंद्र मोदी 15वीं आसियान समिट और 12वें ईस्ट एशिया समिट में भाग लेने के लिए रविवार को तीन दिन के मनीला पहुंचे।

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मनीला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15वीं आसियान समिट और 12वें ईस्ट एशिया समिट में भाग लेने के लिए रविवार को तीन दिन के मनीला पहुंचे। रविवार को ही उन्होंने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह चार महीने में दूसरी मुलाकात है। इससे पहले वे जुलाई में जर्मनी में हुई जी20 समिट में मिले थे। दोनों नेताओं के बीच कल (सोमवार) बाइलेटरल मीटिंग होगी। इससे पहले पीएम माेदी की भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा को लेकर सहयोग को मजबूत करने के प्रपोजल इन देशों के प्रमुखों से बात हुई।

 
 

4 देशों के गठजोड़ के प्रपोजल के बाद पहली मुलाकात

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा को लेकर सहयोग को मजबूत करने के प्रपोजल पर बात हुई। इन देशों के नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई। इंडियन ऑफिशियल के मुताबिक, भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने यहां क्वाडलेटरल (चतुष्कोणीय) रिश्तों पर बातचीत की। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि इंडो-पैसिफिक रीजन, जहां चीन लगातार अपनी मिलिट्री प्रेजेंस को बढ़ा रहा है, वहां इस तरह का सहयोग जरूरी है। बता दें कि जापान ने पिछले महीने संकेत दिया था कि वह अमेरिका, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टॉप लेवल पर बातचीत का प्रपोजल रखेगा।

 

मोदी इन नेताओं से भी मिले

मोदी यहां फिलीपींस के प्रेसिडेंट रोड्रिगो दुतेर्ते, चीन के प्रीमियर ली केकिआंग और मलेशिया के पीएम नजीब रज्जाक से भी मिले। यहां उन्होंने जापान के पीएम शिंजो आबे, रूस के पीएम दिमित्री मेदवेदेव से भी मुलाकात की।

 

मनीला-भारत के रिश्ते मजबूत होने का भरोसा

इस बीच मोदी ने उम्मीद जताई है कि उनकी इस विजिट से फिलीपींस के साथ भारत के बाइलेटरल रिलेशंस में मजबूती आएगी और आसियान देशों के साथ उसके पॉलिटिकल, इकोनॉमिकल और सोशल रिलेशन भी मजबूत होंगे।  मोदी ने शनिवार को कहा कि यह मेरी फिलीपींस की पहली बाइलेटरल विजिट होगी, जहां मैं आसियान-भारत और ईस्ट एशिया समिट में हिस्सा लूंगा। इन समिट्स से हमारे आसियान देशों के साथ कारोबारी रिश्तों को बढ़ावा मिलेगा। इस समय भारत के कुल कारोबार का 10.85% आसियान देशों से होता है।

 

राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, महावीर फिलीपींस फाउंडेशन भी जाएंगे पीएम

पीएम ने बताया कि वे मनीला विजिट के दौरान इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट और महावीर फिलीपींस सेंटर का भी दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने साइंटिफिक रिसर्च के जरिए धान की बेहतर किस्में विकसित कीं हैं और फूड क्राइसेस के मसलों को हल करने में मदद की है। इस इंस्टीट्यूट में कई भारतीय साइंटिस्ट काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि भारत जरूरतमंद लोगों को मुफ्त 'जयपुर पैर' लगाने के काम के लिए महावीर फिलीपींस फांउडेशन की सराहना करता है। यह फाउंडेशन 1989 में बनाया गया था। तब से यह फिलीपींस में करीब 15 हज़ार लोगों को जयपुर पैर लगा चुका है।

 

क्या है ASEAN?

ASEAN का फुल फॉर्म (Association of Southeast Asian Nations) है।

इसमें अमेरिका, रूस, भारत, चीन, जापान और नॉर्थ कोरिया समेत एशिया रीजनल फोरम (एआरएफ) के 23 मेंबर हैं। यह ऑर्गनाइजेशन 8 अगस्त 1969 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बनाया गया था। इसके फाउंडर मेंबर थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस और सिंगापुर थे। 1994 में आसियान ने एआरएफ बनाया, जिसका मकसद सिक्युरिटी को बढ़ावा देना था।

 
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