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भंडारी के अलावा ये 3 भारतीय बने ICJ के जज, चीन Pak के मामले भी निपटाए

इनके नाम जस्टिस नगेंद्र सिं‍ह, जस्टिस बेनेगल नरसिंग राव, जस्टिस रघुनंदन स्‍वरूप पाठक हैं।

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नई दिल्‍ली. जस्टिस  दलवीर भंडारी को एक बार फिर से इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ)  का जज चुन लिया गया है। उनके दूसरे टर्म के लिए भारत को लंबी और जटिल डिप्‍लोमेटिक चुनौती का सामना करना पड़ा था। भंडारी का सीधा मुकाबला ब्रिटेन जैसे यूनए के स्‍थायी सदस्‍य के साथ था। हालांकि 11 दौर की प्रक्रिया के बाद ब्रिटेन ने अपने कंडीडेट का नॉमिनेशन वापस ले लिया। 

 

भंडारी को पहली बार 2012 में आईसीजे के लिए चुना गया था। हालांकि भंडारी ICJ में सेवा देने वाले अकेले भारीयत जज नहीं हैं। उसने पहले भी 3 और भारतीय आईसीजे में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इनके नाम जस्टिस नगेंद्र सिं‍ह, जस्टिस बेनेगल नरसिंग राव, जस्टिस रघुनंदन स्‍वरूप पाठक  हैं। इन भारतीय जजों ने चीन और पाकिस्‍तान के भी मामले निपटाए हैं। आइए जानते हैं इन्‍हीं भारतीय जजों के बारे में.... 


जस्टिस दलवीर भंडारी 
आईसीजे से कब जुड़े:  27 अप्रैल 2012 
 कब तक टर्म: 5 फरवरी 2018  

भंडारी को आईसीजे में 22 साल बाद यूएन जज नियुक्‍त किया गया। 

 

जस्टिस नगेंद्र सिं‍ह 
आईसीजे से कब जुड़े:  1973   

कब तक टर्म: 1988

 

नगेंद्र सिंह 1985 से 1985 तक आईसीजे के प्रेसिडेंट रहे   

 

आगे पढ़ें- आईसीजे में रहे जस्टिस बेनेगल नरसिंग राव के 

जस्टिस बेनेगल नरसिंग राव 

आईसीजे से कब जुड़े:  1952   
कब तक टर्म: 1953 

 

बेनेगल राव यूनाइटेड नेशंस सिक्‍युरिटी काउंसिल में 1950 से 1952 तक भारत के प्रतिनिधि थे  

 

आगे पढ़ें- एक और जज के बारे में... 
 

जस्टिस रघुनंदन स्‍वरूप पाठक 
आईसीजे से कब जुड़े:  1989  
 कब तक टर्म: 1991  

 

आगे पढ़ें-  आईसीजे के बारे में.... 

 

ऐसा है आईसीजे का स्‍वरूप 

 

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में एक जज का कार्यकाल आमतौर पर नौ साल का होता है। यह कोर्ट दुनिया के विभिन्न देशों द्वारा उसके समक्ष लाए गए मुकदमों का इंटरनेशनल कानून के तहत निपटारा करती है। इसके अलावा कई मामलों में यूनाइटेड नेशंस की संस्थाओं को कानूनी सलाह भी देती है। आईसीजे में कुल 15 जज होते हैं, इनमें से तीन-तीन जज अफ्रीका और एशिया, दो जज लै‍टिन अमेरिका, दो पूर्वी यूरोप और पांच पश्चिम यूरोप और अन्य क्षेत्र से होते हैं।  

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