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मोदी-ट्रम्प मुलाकात में HIB वीजा पर बनी बात तो चीन को फायदा: चीनी मीडिया

मोदी के यूएस विजिट के दौरान HIB वीजा पर भारत के पक्ष में बात बनती है तो फायदा चीन को भी होगा।

moneybhaskar

Jun 23,2017 08:25:00 PM IST
बीजिंग। पीएम मोदी के यूएस विजिट के दौरान अगर HIB वीजा पर भारत के पक्ष में बात बनती है तो इसका फायदा चीन को भी होगा। चीन के ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी और ट्रम्प के बीच मुलाकात के दौरान HIB वीजा और क्लाइमेट इश्‍यू प्रमुख मुद्दा होगा। इन दोनों पर भारत को किसी तरह का गेन होता है तो इसका फायदा चीन को भी होना है।
चीन की निगाहें मोदी और ट्रम्प के मुलाकात पर
रिपोर्ट के अनुसार चीन की निगाहें मोदी और ट्रम्प के मुलाकात पर है। इस बात का इंतजार है कि मोदी के इस दौरे से दोनों देशों के बीच किस तरह के बाइलैटरल इकोनॉमिक संबन्धों पर किस तरह का असर होता है। फिलहाल दोनों देशों से जुड़े कुछ इश्‍यू चीन के भी हित में हैं, जिसमें इमीग्रेशन पॉलिसी और HIB वीजा जैसे मसले शामिल हैं।
भारत के बाद चीन करता है HIB वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय आईटी फर्म्स और आईटी प्रोफेशनल्स के बाद HIB वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल चीन की आईटी कंपनियों और प्रोफेशनल्स द्वारा किया जाता है। इसी वजह से HIB वीजा को लेकर यूएस द्वारा सख्‍ती चीन के आईटी सेक्टर के लिए भी निगेटिव साबित हो रहा है। ऐसे में इस मामले पर चीन का भारत को पूरी तरह से सपोर्ट है। अगर मोदी HIB वीजा से जुड़े नियमों में ठील दिलाने में कामयाब होते हैं तो सीधे तौर पर इसका फायदा चीन को होना है। इसी तरह से पेरिस एग्रीमेंट को लेकर क्लाइमेट इश्‍यू पर अगर ट्रम्प का नजरिया बदलता है तो इसका भी फायदा चीन को होना है।
इंडियन आईटी सेक्टर को इस दौरे से उम्मीदें
बता दें कि ट्रम्प ने यूएस प्रेसिडेंट बनने के बाद से H1B बीजा और इमीग्रेशन पॉलिसी को लेकर सख्‍ती की है। वहीं, नई सरकार के प्रोटेक्टनिस्ट पॉलिसी से भी इंडियन आईटी सेक्टर पर खासा असर हो रहा है। बता दें कि H1B का सबसे ज्यादा इस्तेमाल इंडियन आईटी प्रोफेशनल्स द्वारा ही किया जाता है। ऐसे में आईटी इंडस्ट्री को मोदी के यूएस दौरे से काफी उ म्मीदें हैं। सरकार द्वारा पहले भी कई मौकों पर यह कहा जा चुका है कि मोदी-ट्रम्प के मुलाकात के दौरान H1B वीजा और इमीग्रेशन पॉलिसी पर नियम आसान करने पर बात की जाएगी।
मोदी के पास लिमिटेड बारगेनिंग पावर
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच बात-चीत में दिल्ली के पास वॉशिंगटन के साथ बारगेनिंग करने के लिए एक लिमिटेड पावर है। ऐसे में इस बात की उम्मीद बिल्कुल नहीं की जा सकती है कि मोदी के प्रयासों से ट्रम्प H1B वीजा और इमीग्रेशन पॉलिसी पर अपने विचार पूरी तरह से बदल दें। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुलाकात का दोनों देशों के बाइलैटरल संबन्धों पर क्या असर पड़ता है।
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