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2017 में 7.2% रहेगी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की वि‍कास दर: वर्ल्‍ड बैंक

2017 में 7.2% रहेगी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की वि‍कास दर: वर्ल्‍ड बैंक
नई दि‍ल्‍ली.भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की वि‍कास दर 6.8 फीसदी से बढ़ते हुए 2017 में 7.2 फीसदी तक पहुंच जाएगी। वर्ल्‍ड बैंक के मुताबि‍क, उम्‍मीद से कम नि‍वेश और नोटबंदी के चलते थोड़े समय के लि‍ए आए ठहराव के बाद भारतीय इकोनॉमी अपनी रफ्तार पकड़ लेगी।
 
बेहतर साबि‍त होगा GST 
 
बैंक के मुताबि‍क, 2019 तक वि‍कास दर में और तेजी होगी, तब भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था 7.7 फीसदी की दर से बढ़ रही होगी। नोटबंदी का असर खत्‍म होने के बाद कई एजेंसि‍यों ने भारत की वि‍कास दर को ऊंचा उठता हुआ बताया है। रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, जीएसटी अगर समय से और सही से लागू हो जाए तो यह भी इकोनॉमी के लि‍ए बेहतर होगा। हालांकि‍ भारत के सामने गरीबी को खत्‍म करने के लि‍ए प्रयासों को बढ़ाने की चुनौती रहेगी।
 
रि‍पोर्ट में यह भी कहा गया है कि‍ वि‍कसि‍त अर्थव्‍यवस्‍थाओं में घरेलू मार्केट को बचाने को लेकर जो नया ट्रेंड सामने आ रहा है उसके चलते दक्षि‍ण एशि‍या, खासकर भारत की नि‍र्यात से जुड़ी तरक्‍की को नुकसान नहीं पहुंचना चाहि‍ए। इस क्षेत्र को ग्‍लोबलाइजेशन के वि‍रोध का फायदा मि‍ल सकता है।
 
दक्षि‍ण एशि‍या की वि‍कास दर बढ़ेगी
 
वर्ल्‍ड बैंक ने इस बात की पुष्‍टि‍ की है कि‍ दक्षि‍ण एशि‍या दुनि‍या में सबसे तेज बढ़ने वाला क्षेत्र है। यह पूर्वी एशि‍या से अपनी बढ़त को और आगे ले जा रहा है। अनुमान है कि‍ स्‍थानीय जीडीपी ग्रोथ 2016 के 6.7 फीसदी से बढ़ते हुए 2017 में 6.8 फीसदी तक आ जाएगी। यही नहीं वि‍कास दर 2018 में 7.1 फीसदी तक पहुंच सकती है।
 
रि‍पोर्ट का दावा है कि‍ देशों का एक दूसरे से जुड़ना आर्थि‍क वि‍कास और गरीबी को हटाने के लि‍हाज से अच्‍छा रहा है और यह क्षेत्र अब वि‍कसि‍त अर्थव्‍यवस्‍थाओं द्वारा पैदा की गईं व्‍यापार की रुकावटों को भी झेल लेगा। दरअसल वर्ल्‍ड बैंक का इशारा अपनी इकोनॉमी को प्राथमि‍कता देने के बढ़ रहे चलन की ओर है, जि‍सके चलते व्‍यापार में अड़चनें पैदा हो सकती हैं। रि‍पोर्ट का कहना है कि‍ इसके बावजूद दक्षि‍ण एशि‍या का वि‍कास होगा।

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