गोल्ड मार्केट /अप्रैल में भारत ने 39 बिलियन डॉलर के सोने का रिकॉर्ड 53 प्रतिशत ज्यादा आयात किया

money bhaskar

May 16,2019 10:36:59 AM IST

नई दिल्ली. भारतीयों का सोने के प्रति आकर्षण बरकरार है। सोने का आयात कम करने के लिए केंद्र सरकार की तमाम बंदिशें भी काम नहीं आई है। महज अप्रैल में ही सोने के आयात में 53 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में भारत ने सोने के आयात के लिए 39.72 बिलियन डॉलर दिए। जबकि बीते साल अप्रैल में ही 25.79 बिलियन डॉलर मूल्य का सोना आयात किया था। इसी वजह से भारत का व्यापार घाटा भी बढ़ गया है। सोने के आयात में वृद्धि की वजह शादियों के सीजन और लोकसभा चुनाव को बताया जा रहा है। चुनाव के दौरान निवेशकों ने बाजार की बजाय सोने पर ज्यादा भरोसा किया है।

चांदी के आयात में 48 फीसदी की आई कमी

अप्रैल 2019 में भारत ने कुल 2.50 बिलियन डॉलर के मूल्य की चांदी का आयात किया। जबकि इसी सामान अवधि में वर्ष 2018 में 4.81 बिलियन डॉलर का आयात हुआ था। यानी चांदी के आयात में 48.10 फीसदी की कमी आई है। औद्योगिक उत्पादन कम होने की वजह से ऐसा हुआ है।

8.78 बिलियन डॉलर हुआ व्यापार घाटा

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक बयान के अनुसार अप्रैल 2019 के लिए व्यापार घाटा 8.78 बिलियन डॉलर अनुमानित है। जबकि इसी अवधि में बीते साल अप्रैल 2018 में 7.07 बिलियन डॉलर था। हालांकि बीते साल के 25.91 बिलियन की तुलना में इस साल अप्रैल में मर्चेंडाइज का निर्यात कुल 26.07 बिलियन डॉलर था। यानी कि 0.64 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है। रुपये में बात करें तो निर्यात 1,45,053 करोड़ रुपये से 6.45 प्रतिशत बढ़कर 181,021 करोड़ रुपये हो गया।

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इस साल ज्यादा है शादियां

इस सीजन में शादियां पिछले सीजन के मुकाबले अधिक होने जा रही है। इसका सीधा असर सोने की बिक्री पर पड़ने का अनुमान है। भारत में सोना सीधे तौर पर शादी से जुड़ा है। यह अनुमान वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की तरफ से जारी किया गया है। काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार जून तिमाही में शादी के लिए शुभ दिनों की ज्यादा संख्या और सोने की कम कीमत के कारण ऐसा होगा। अभी सोने की कीमत चार महीने के न्यूनतम स्तर पर है। एजेंसी की तरफ से जारी खबर के मुताबिक वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के भारतीय आपरेशंस के एमडी सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि भारत में शादियां सोने की मांग को बढ़ाने वाला सबसे बड़ा फैक्टर है। शादियों में गहने के तौर पर सोने की डिमांड बहुत ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि हिंदू कैलेंडर के मुताबिक इस साल जून तिमाही में शादी के लिए शुभ दिनों की संख्या 37 है। पिछले साल यह संख्या सिर्फ 21 थी।

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मार्च तिमाही में मांग 5% बढ़ी, 47 हजार करोड़ रुपए का सोना बिका

मार्च तिमाही में भारत में कुल 159 टन सोने की मांग रही। यह 2018 की इसी तिमाही की तुलना में 5% ज्यादा है। तब मांग 151.5 टन रही थी। वैल्यू के लिहाज से देखा जाए तो 13% की ग्रोथ दर्ज की गई। मार्च तिमाही में कुल 47,010 करोड़ रुपए के सोने की मांग रही। मार्च तिमाही में शादी के लिए शुभ दिनों की संख्या 21 थी। पिछले साल यह संख्या सिर्फ 8 थी।

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पूरे साल में 850 टन तक जा सकती है मांग, 2018 में 760 टन रही थी

गोल्ड काउंसिल के मुताबिक पूरे 2019 में भारत में सोने की मांग 850 टन तक जा सकती है। पिछले साल यह 760.4 टन रही थी। 2018 में 2017 की तुलना में मांग में 1.40% की कमी रही थी। 2019 की पहली तिमाही में आयात में 11% की बढ़ोतरी हुई। मार्च तिमाही में 175 टन सोने का आयात हुआ। वहीं, 2018 की मार्च तिमाही में 157 टन सोने का आयात हुआ था।

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पिछले पांच साल में भारत में सोने की डिमांड

साल

डिमांड

बदलाव

2014

828.5 टन

(-15.01%)

2015

857.2 टन

(3.46%)

2016

661.1 टन

(-22.9%)

2017

771.2 टन

(15.78%)

2018

760.4 टन

(-1.40%)

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अप्रैल में 1.34 प्रतिशत बढ़ा निर्यात

अप्रैल 2019 में भारत का निर्यात बढ़कर 1.34 प्रतिशत बढ़कर 44.06 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि साल भर की अवधि में आयात 4.53 प्रतिशत बढ़कर 52.83 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। निर्यात का प्रमुख कमोडिटी समूह पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैविक और अकार्बनिक रसायन, सभी वस्त्र, औषध और फार्मास्यूटिकल्स के रेडीमेड वस्त्र थे। व्यापारिक वस्तुओं का आयात कुल 41.40 बिलियन डॉलर (287,433 करोड़ रुपये), डॉलर के संदर्भ में 4.48 प्रतिशत अधिक और रुपये के संदर्भ में 10.52 प्रतिशत रहा। अप्रैल 2018 में आयात 39.63 बिलियन डॉलर (260,085 करोड़ रुपये) था। अप्रैल 2018 में 10.41 बिलियन डॉलर (68,344 करोड़ रुपये) की तुलना में तेल आयात 11.38 बिलियन डॉलर (78,989 करोड़ रुपये), डॉलर के संदर्भ में 9.26 प्रतिशत अधिक (रुपये में 15.58 प्रतिशत अधिक) था। अप्रैल 2019 में गैर-तेल और गैर-सोने का आयात 26.05 बिलियन डॉलर था, जो इस वर्ष की अवधि में 26.63 बिलियन डॉलर की तुलना में 2.19 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

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