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जेटली ने उठाया H1-B वीजा का मामला, अमेरिका ने कहा- अभी कोई फैसला नहीं लिया

वॉशिंगटन. फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने अमेरिका के समक्ष एच-1बी वीजा का मामला उठाया है। जेटली ने वाशिंगटन में अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी विल्बुर रॉस से मुलाकात के दौरान एच-1बी वीजा का मुद्दा उठाया। जेटली ने रॉस के सामने अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्‍स के रोल से जुड़े पहलुओं को रखा। रॉस ने कहा कि अमेरिका ने H-1B वीजा मुद्दे को रिव्यू करने की प्रॉसेस शुरू किया है और इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद अमेरिका-भारत के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी। 
 
 
भारत-US में मजबूत इकोनॉमिक और डिफेंस रिलेशन
- न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, फाइनेंस मिनिस्‍टर ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से इकोनॉमिक और डिफेंस में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत और स्‍ट्रैटजिक संबंध बने हुए हैं।
- जेटली ने कहा, ‘‘उम्‍मीद है दोनों देश अगले कुछ सालों में 500 अरब डॉलर के बायलेटरल ट्रेड का लक्ष्‍य हासिल कर लेंगे।’’
- ऐसा माना जा रहा है कि जेटली ने यूएस कॉमर्स सेक्रेटरी को नोटबंदी के बाद मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कई नीतिगत फैसलों के बारे में जानकारी दी। 
- इसी बीच, विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वह यूएस सरकार के लगातार संपर्क में हैं। भारत की तरफ से एच1-बी वीजा को लेकर बात की जा रही है।
- इसके अलावा भारत ऑस्‍ट्रेलिया के साथ भी बातचीत कर रहा है। उसकी तरफ से वीजा प्रोग्राम में किए गए बदलाव को लेकर बात चल रही है।
 
मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी के पक्ष में ट्रम्‍प 
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक भारतीय ऑफिशियल ने बताया कि जेटली ने भारतीय आईटी प्रोफेशनल्‍स की चिंताओं को रॉस के सामने रखा। जेटली ने कहा कि अमेरिका और भारत के इकोनॉमिक डेवलपमेंट में स्किल्‍ड भारतीय प्रोफेशनल्‍स का अहम रोल रहा है। हम चाहते हैं कि वे यूएस में ऐसा करना जारी रखें, ये दोनों देशों के हित में होगा।
- समझा जाता है कि विल्बुर रॉस ने कहा कि रिव्यू प्रॉसेस का जो भी नतीजा निकले, पर ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का मकसद एक मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी बनाना है जिससे ज्यादा कुशल पेशेवरों को अहमियत मिले।
- ट्रम्प ने H-1B वीजा मुद्दे को रिव्यू करने के लिए इस हफ्ते की शुरुआत में ही स्टेट, लेबर, होमलैंड सिक्युरिटी एंड जस्टिस डिपार्टमेंट्स के साथ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया था। ट्रम्‍प ने ‘बाई अमेरिकन एंड हायर अमेरिकन’ मुहिम के तहत यह कदम उठाया है।  
- ट्रम्‍प के अनुसार, मौजूदा समय में लॉटरी सिस्‍टम के तहत सिलेक्‍टेड लोगों को H-1B वीजा दिया जाता है, जो पूरी तरह से गलत है। इसकी जगह टॉप स्किल्‍ड और हाइयस्‍ट पेड अप्‍लीकेंट्स को यह वीजा दिया जाना चाहिए। 
 
वर्ल्‍ड बैंक और IMFकी मीटिंग में शामिल होंगे जेटली
- फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली अमेरिका के 5 दिवसीय दौरे पर हैं। वह बुधवार रात अमेरिकी दौरे पर रवाना हुए।
- जेटली यहां वर्ल्‍ड बैंक और आईएमएफ की स्प्रिंग मीटिंग में हिस्‍सा लेंगे। इसके अलावा, वह जी20 नेशंस के प्रतिनिधियों की बैठक में भी शामिल होंगे। वॉशिंगटन और न्‍यूयॉर्क में वह अमेरिकी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात करेंगे।
- जेटली यूएस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इंडोनेशिया और स्वीडन के मंत्रियों के साथ बाइलैट्रल मीटिंग करेंगे। वे बांग्लादेश और श्रीलंका के फाइनेंस मिनिस्टर्स के साथ भी मुलाकात कर सकते हैं।
 
अमेरिका हर साल जारी करता है 65 हजार एच1बी वीजा
- अमेरिका हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी करता है। इसके अलावा अमेरिकी एजुकेशन इंस्टीयूट से मास्टर्स या इससे बड़ी डिग्री लेने वाले 20,000 लोगों को वीजा देता है। इसका बड़ा हिस्सा भारतीय प्रोफेशनल्स के हिस्से जाता है।
- आईटी इंडस्ट्री बॉडी नैस्कॉम का कहना है कि अमेरिका में आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन और दूसरे सेक्टर्स में हायर एजुकेटेड टैलेंट की कमी है। अमेरिकी सांसदों ने वीजा रूल्स बदलने के लिए सात-आठ बिल पेश किए हैं। 
 
 
अगली स्‍लाइड में- वीजा नॉर्म्‍स बदलने से छंटनी का खतरा, भारत के पास WTO जाने का भी ऑप्‍शन  
 
 

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