• Home
  • Arun Jaitley highlights important role played by Indian professionals in US

जेटली ने उठाया H1-B वीजा का मामला, अमेरिका ने कहा- अभी कोई फैसला नहीं लिया

डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद अमेरिका-भारत के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी। डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद अमेरिका-भारत के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी।
जेटली ने H1-B वीजा का मामला अमेरिका के सामने उठाया। - फाइल जेटली ने H1-B वीजा का मामला अमेरिका के सामने उठाया। - फाइल

moneybhaskar

Apr 21,2017 09:50:00 AM IST
वॉशिंगटन. फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने अमेरिका के समक्ष एच-1बी वीजा का मामला उठाया है। जेटली ने वाशिंगटन में अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी विल्बुर रॉस से मुलाकात के दौरान एच-1बी वीजा का मुद्दा उठाया। जेटली ने रॉस के सामने अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्‍स के रोल से जुड़े पहलुओं को रखा। रॉस ने कहा कि अमेरिका ने H-1B वीजा मुद्दे को रिव्यू करने की प्रॉसेस शुरू किया है और इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद अमेरिका-भारत के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी।
भारत-US में मजबूत इकोनॉमिक और डिफेंस रिलेशन
- न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, फाइनेंस मिनिस्‍टर ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से इकोनॉमिक और डिफेंस में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत और स्‍ट्रैटजिक संबंध बने हुए हैं।
- जेटली ने कहा, ‘‘उम्‍मीद है दोनों देश अगले कुछ सालों में 500 अरब डॉलर के बायलेटरल ट्रेड का लक्ष्‍य हासिल कर लेंगे।’’
- ऐसा माना जा रहा है कि जेटली ने यूएस कॉमर्स सेक्रेटरी को नोटबंदी के बाद मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कई नीतिगत फैसलों के बारे में जानकारी दी।
- इसी बीच, विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वह यूएस सरकार के लगातार संपर्क में हैं। भारत की तरफ से एच1-बी वीजा को लेकर बात की जा रही है।
- इसके अलावा भारत ऑस्‍ट्रेलिया के साथ भी बातचीत कर रहा है। उसकी तरफ से वीजा प्रोग्राम में किए गए बदलाव को लेकर बात चल रही है।
मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी के पक्ष में ट्रम्‍प
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक भारतीय ऑफिशियल ने बताया कि जेटली ने भारतीय आईटी प्रोफेशनल्‍स की चिंताओं को रॉस के सामने रखा। जेटली ने कहा कि अमेरिका और भारत के इकोनॉमिक डेवलपमेंट में स्किल्‍ड भारतीय प्रोफेशनल्‍स का अहम रोल रहा है। हम चाहते हैं कि वे यूएस में ऐसा करना जारी रखें, ये दोनों देशों के हित में होगा।
- समझा जाता है कि विल्बुर रॉस ने कहा कि रिव्यू प्रॉसेस का जो भी नतीजा निकले, पर ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का मकसद एक मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी बनाना है जिससे ज्यादा कुशल पेशेवरों को अहमियत मिले।
- ट्रम्प ने H-1B वीजा मुद्दे को रिव्यू करने के लिए इस हफ्ते की शुरुआत में ही स्टेट, लेबर, होमलैंड सिक्युरिटी एंड जस्टिस डिपार्टमेंट्स के साथ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया था। ट्रम्‍प ने ‘बाई अमेरिकन एंड हायर अमेरिकन’ मुहिम के तहत यह कदम उठाया है।
- ट्रम्‍प के अनुसार, मौजूदा समय में लॉटरी सिस्‍टम के तहत सिलेक्‍टेड लोगों को H-1B वीजा दिया जाता है, जो पूरी तरह से गलत है। इसकी जगह टॉप स्किल्‍ड और हाइयस्‍ट पेड अप्‍लीकेंट्स को यह वीजा दिया जाना चाहिए।
वर्ल्‍ड बैंक और IMF की मीटिंग में शामिल होंगे जेटली
- फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली अमेरिका के 5 दिवसीय दौरे पर हैं। वह बुधवार रात अमेरिकी दौरे पर रवाना हुए।
- जेटली यहां वर्ल्‍ड बैंक और आईएमएफ की स्प्रिंग मीटिंग में हिस्‍सा लेंगे। इसके अलावा, वह जी20 नेशंस के प्रतिनिधियों की बैठक में भी शामिल होंगे। वॉशिंगटन और न्‍यूयॉर्क में वह अमेरिकी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात करेंगे।
- जेटली यूएस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इंडोनेशिया और स्वीडन के मंत्रियों के साथ बाइलैट्रल मीटिंग करेंगे। वे बांग्लादेश और श्रीलंका के फाइनेंस मिनिस्टर्स के साथ भी मुलाकात कर सकते हैं।
अमेरिका हर साल जारी करता है 65 हजार एच1बी वीजा
- अमेरिका हर साल 65,000 एच1बी वीजा जारी करता है। इसके अलावा अमेरिकी एजुकेशन इंस्टीयूट से मास्टर्स या इससे बड़ी डिग्री लेने वाले 20,000 लोगों को वीजा देता है। इसका बड़ा हिस्सा भारतीय प्रोफेशनल्स के हिस्से जाता है।
- आईटी इंडस्ट्री बॉडी नैस्कॉम का कहना है कि अमेरिका में आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन और दूसरे सेक्टर्स में हायर एजुकेटेड टैलेंट की कमी है। अमेरिकी सांसदों ने वीजा रूल्स बदलने के लिए सात-आठ बिल पेश किए हैं।
अगली स्‍लाइड में- वीजा नॉर्म्‍स बदलने से छंटनी का खतरा, भारत के पास WTO जाने का भी ऑप्‍शन
भारत WTO में लगा सकता है गुहार - अमेरिका में एच1बी वीजा नॉर्म्स में बदलाव के खिलाफ भारत WTO में गुहार लगा सकता है। न्यूज एजेंसी कोजेंसिस के अनुसार, सरकार अमेरिका में वीजा नॉर्म्स में हो रहे बदलाव पर नजर रहे हुए है। - सूत्रों के अनुसार, एच1बी वीजा पॉलिसी में बदलाव होता है तो भारत इसके खिलाफ डब्ल्यूटीओ में अपील कर सकता है। H1B वीजा नॉर्म्स में बदलने से हो सकती हैं छंटनी - इंडस्ट्री बॉडी एसोचैम का कहना है कि अमेरिका में वीजा नॉर्म्स में सख्ती से भारतीय कंपनियों में छंटनी की नौबत आ सकती है। एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटर जगत में 86 फीसदी एच-1बी वीजा भारतीयों को जारी होता रहा है। अब यह 60 फीसदी या उससे भी कम हो सकता है। - एसोचैम के जनरल सेक्रेटरी डीएस रावत ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में छंटनी की संभावना है। आईटी इंडस्ट्री के टॉप संगठनों तथा सरकार को असामान्य हालात से निपटने के लिए एक ज्वाइंट स्ट्रैटजी पर काम करने की जरूरत है।’;’; - ‘‘पिछले तीन महीनों में, भारतीय करेंसी डॉलर के मुकाबले पांच फीसदी मजबूत हुई है, जिसके कारण निर्यात संबंधित अन्य क्षेत्रों के अलावा सॉफ्टवेयर निर्यात से होने वाले राजस्व में भी कमी आई है।’;’;
X
डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद अमेरिका-भारत के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी।डोनाल्ड ट्रम्प के प्रेसिडेंट बनने के बाद अमेरिका-भारत के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी।
जेटली ने H1-B वीजा का मामला अमेरिका के सामने उठाया। - फाइलजेटली ने H1-B वीजा का मामला अमेरिका के सामने उठाया। - फाइल

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.