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  • During Modi's tenure, the boycott of Chinese goods became an issue, China changed strategy, occupied Indian startups

ड्रैगन का नया पैंतरा /मोदी के कार्यकाल में चीनी सामान कम बिका तो चीन ने बदली रणनीति, 27 हजार करोड़ रुपए स्टार्टअप कंपनियों में लगाए

money bhaskar

May 09,2019 02:50:44 PM IST

कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्ली

भारतीय बाजार में कब्जा जमाने की कोशिश में जुटे ड्रैगन यानी चीन ने अपने सामानों के बहिष्कार को देखते हुए रणनीति बदल दी है। अब चीन अप्रत्यक्ष रूप से भारत के बाजार में प्रवेश कर रहा है। वह मेक इन चाइना की बजाय मेक इन इंडिया पर फोकस कर रहा है। इसका सबूत है बीते पांच सालों में चीन द्वारा भारत में किया गया निवेश। चीन की कंपनियां ऐसी भारतीय कंपनियों में निवेश कर रही हैं जो कि स्टार्टअप्स हैं और भारतीयों के जीवन से बेहद करीब से जुड़े हैं। इनमें पैसा लगाकर चीनी कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं।

बीते पांच सालों में मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत और चीन के रिश्तों में उतार-चढ़ाव आता रहा है। डोकलाम जैसे मुद्दों के बाद भारत में चीनी सामान के बहिष्कार की मांग तेजी से उठी। इसका असर भारत-चीन के व्यापार घाटे पर भी पड़ा। वर्ष 2018-19 में चीन से आयात होने वाले सामानों में 24 प्रतिशत की गिरावट आई है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस स्थिति से निपटने के लिए चीन की दो बड़ी कंपनियों अलीबाबा और टेनसेंट ने बीते पांच सालों में भारतीय स्टार्टअप्स में 27 हजार करोड़ रुपए लगा दिए। अब यह स्टार्टअप्स बड़ी कंपनियों में तब्दील हो गए हैं। इनमें जोमेटो, स्वीगी, ओला, गाना डाम काम व पेटीएम आदि हैं। यह कंपनियां अब भारतीयों की जीवन शैली में शामिल हो गई हैं। चूंकि इन्हें भारतीय ही चला रहे हैं तो बहिष्कार की गुंजाइश भी नहीं है। लेकिन चीनी कंपनियों की पूंजी ज्यादा होने के कारण मुनाफा भी चीन का ज्यादा होगा।

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टेनसेंट और अलीबाबा सबसे आगे, दोनों ने पांच साल में 3795 मिलियन डॉलर का निवेश किया


वर्ष 2015 में अलीबाबा ने भारत की विभिन्न एप्स वाले स्टार्टअप्स में 880 मिलियन डॉलर का निवेश किया। इसके बाद वर्ष 2016 में टेनसेंट ने 175 मिलियन डॉलर का निवेश किया। वर्ष 2017 में दोनों कंपनियों ने भारत में क्रमश: 400 और 1140 मिलियन डॉलर लगाए। वर्ष 2018 में अकेले टेनसेंट ने एक हजार मिलियन डॉलर भारत में इन्वेस्ट किए। वर्ष 2019 में अलीबाबा से जुड़ी एंट फाइनेंसियल ने जोमेटो में 200 मिलियन डॉलर लगा दिए। यानी पांच सालों में 3795 मिलियन डॉलर (27 हजार करोड़ रुपए) का निवेश किया।

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अमेरिकी कंपनी फेसबुक व गूगल आदि को भी मात देने की कोशिश


चीनी कंपनियों ने अमेरिका को सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली टेक कंपनियों गूगल, फेसबुक, अमेजन और उबर को मात देने के लिए भारत में एप्स आधारित कंपनियों को तैयार करने में मदद की। स्टार्टअप्स के वक्त ही भारतीय कंपनियों में निवेश कर अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित कर ली। इसके चलते अब जब भारतीय एप्स मुनाफे में आ रहे हैं तो इसका मोटा हिस्सा चीन को मिल रहा है।

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इसलिए बदली चीन ने रणनीति

बीते वित्त वर्ष में चीन के साथ व्यापार घाटा भी 53 अरब डॉलर से कम होकर 46 अरब डॉलर तक आ गया है। इसकी बड़ी वजह चीन से होने वाले आयात में 24 प्रतिशत की कमी है। चीन से भारत को आयात होने वाली वस्तुओं में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल्स उपकरण, मैकेनिकल उपकरण 19 प्रतिशत जैविक रसायन 12 प्रतिशत तथा अन्य शामिल हैं। यही नहीं चीन ऑर अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वार से भी भारत को फायदा मिला है। अमेरिका से महंगे सामान मिलने पर चीन ने भारत से ज्यादा सामान का आयात किया। इसके चलते वित्त वर्ष 2018-19 में जनवरी तक चीन को भारतीय निर्यात में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा 10 अरब डॉलर से बढ़कर 14 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

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सिर्फ स्टार्टअप्स वाले एप ही क्यों

एप्स आधारित बिजनेस में कोई स्थाई पूंजी नहीं लगती है। यानी कि न तो फैक्ट्री के लिए जमीन, बिजली आदि का प्रबंध करना होता है और न ही पर्यावरणीय अनुमतियां आदि। इस तरह की बिजनेस में सिर्फ कार्यशील पूंजी लगाकर तुरंत ही आउटपुट मिलने लगता है। भारत की आबादी 130 करोड़ के पार कर गई है, इसलिए एप्स पर बेस्ड ओला, जोमेटो, पेटीएम के लिए बहुत बड़ा बाजार है। इसलिए चीन बिना कोई स्थाई निवेश करे बिना भी भारत से मुनाफा कमा सकता है।


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भारत की इन कंपनियों पर चीनियों का भरोसा

कंपनी चीनी निवेशक निवेश राशि (मिलियन डॉलर में)
ओयो रूम्स ग्रीननोक्स कैपिटल 1000
स्वीगि टेनसेंट 1000
पेटीएम अलीबाबा 445
उड़ान डीएसटी ग्लोबल 225

भारत में टॉप चाइनीज निवेशक

निवेशक

निवेश कंपनियों की संख्या

निवेशित कंपनी

Tencent

10

Byju, Dream, Flipkart, gaana, Hike, Ibibo, News Dogs, Ola, Practo, Swiggy

Alibaba Group

6

Big basket, paytm, paytm mall, Snapdeal, Xpressbees, Vidooly

Xiaomi

5

Hungama.com, Krazybee, samosa, share chat, Zest money

Fosun

4

Delhivery, IXigo, Kissnt, Kredily

Ant financial

1

Zomato



भारत पर कब्जे के लिए चीन और अमेरिकी कंपनियों का टकराव


टिकटॉक पर मद्रास हाइकोर्ट का बैन लगते ही चीन और अमरिकी कंपनियों का टकराव भी सतह पर आ गया। अमेरिकी कंपनी गूगल ने अपने एंड्रायड प्लेटफार्म गूगल प्ले से 100 चीनी कंपनियों के एप्स को बाहर कर दिया। इन 100 एप्स को 60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड कर रखा है। चीनी यूसी ब्राउसर ने भी गूगल और फेसबुक के फीड्स को हटा दिया।

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