बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Internationalमूडीज:अब भी अपनी बेस्ट रेटिंग से पीछे है भारत, राजीव गांधी के समय था 3 पायदान ऊपर

मूडीज:अब भी अपनी बेस्ट रेटिंग से पीछे है भारत, राजीव गांधी के समय था 3 पायदान ऊपर

मोदी सरकार भले ही अपनी पीठ ठोक रही हो, लेकिन वह अभी भी वर्ष 1988 के राजीव गांधी के दौर से काफी पीछे है।

1 of

नई दिल्ली. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने शुक्रवार को 13 साल बाद इंडियन इकोनॉमी पर भरोसा जताते हुए भारत की रेटिंग Baa3 से बढ़ाकर Baa2 कर दी है। इस पर मोदी सरकार भले ही अपनी पीठ ठोक रही हो, लेकिन वह अभी भी अपनी बेस्ट रेटिंग से पीछे है। इससे पहले वर्ष 1988 के राजीव गांधी के दौर में इकोनॉमी को A2 रेटिंग मिली थी। उसके बराबर आने में मोदी सरकार को अभी तीन रेटिंग की छलांग लगानी होगी।

मूडीज ने वर्ष 1988 को भारत को A2 रेटिंग दी थी, उस दौर में राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। गांधी 1984 से 89 तक पीएम रहे थे और उस दौर में इकोनॉमी बड़ी मुश्किलों से गुजर रही थी। उन्होंने इकोनॉमी में उदारीकरण की शुरुआत करते हुए कई सेक्टर्स को फॉरेन इन्वेस्टर्स के लिए खोला था।

इसके अलावा उन्होंने इनकम और कॉर्पोरेट टैक्स में कमी की, साथ ही लाइसेंस सिस्टम काफी सरल बना दिया था। वहीं कंप्यूटर, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर को डिरेग्युलेट कर दिया था। राजीव गांधी के ऐसे ही कदमों का इकोनॉमी को फायदा मिला और रेटिंग में सुधार हुआ।

 

 

अब मिली Baa2 रेटिंग

अब वर्ल्‍ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैकिंग बढ़ने के बाद अब ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की रेटिंग Baa3 से बढ़ाकर Baa2 कर दी है। इससे पहले मूडीज ने 2004 में भारत की रेटिंग अपग्रेड की थी। इससे साफ है कि मौजूदा रेटिंग राजीव गांधी के दौर से काफी पीछे है और उसकी बराबरी करने के लिए रेटिंग के लिए तीन स्टेप और चलना होगा।

 

 

A2 और Baa2 रेटिंग का मतलब

A2 रेटिंग का मतलब अपर मीडियम ग्रेड और लो क्रेडिट रिस्क होता है, जो कर्ज के कम जोखिम के साथ एक अच्छी रेटिंग मानी जाती है।

वहीं Baa2 रेटिंग का मतलब मीडियम ग्रेड, कुछ अटकलबाजी से जुड़े एलीमेंट्स और थोड़ा क्रेडिट रिस्क होता है। इसे एक औसत रेटिंग माना जाता है।

 

29 साल के दौरान ऐसी रही रेटिंग

-वर्ष 1988 के बाद यानी बीते 29 साल के दौरान अधिकांश समय भारत की रेटिंग Baa3 या इससे नीचे ही रही है।

-Baa3 इन्वेस्टमेंट ग्रेड की सबसे निचली रेटिंग है और इसके नीचे रेटिंग का मतलब कमजोर इकोनॉमी और खासा क्रेडिट रिस्क होता है। यह रेटिंग वर्ष 1991, 1994-98 और 2004-17 के बीच रही थी।

-1989-90 के बीच यानी पीएम वीपी सिंह के दौर में भारत की रेटिंग Baa1 रही थी, जो मौजूदा रेटिंग से बेहतर है।

1991 से 94 और 1998 से 2002 के बीच भारत की रेटिंग Ba2 रही थी, जिसे खासा कमजोर माना जाता है। 1991-94 तक पीवी नरसिंह राव और 1998-2002 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थी।

-2002 से 2004 के बीच भारत की रेटिंग Ba2 रही थी। इसे भी कमजोर रेटिंग माना जाता है। इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री रहे थे।

 

 

मूडीज की ये हैं लॉन्ग टर्म रेटिंग

 

रेटिंग

मतलब

Aaa

सबसे ज्यादा गुणवत्ता और सबसे कम क्रेडिट रिस्क

Aa1

Aa2

Aa3

ज्यादा गुणवत्ता और बहुत कम क्रेडिट रिस्क

A1

A2

A3

अपर मीडियम ग्रेड और कम क्रेडिट रिस्क

Baa1

Baa2

Baa3

मीडियम ग्रेड के साथ कुछ अटकलों से जुड़े एलीमेंट्स और मध्यम क्रेडिट रिस्क

 

* ऊपर दी गईं रेटिंग के साथ कुछ शॉर्ट टर्म रेटिंग भी जुड़ी होती हैं, जो कुछ समय के लिए दी जाती हैं। इससे नीचे Ba1 से C तक रेटिंग भी होती हैं।

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट