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Golden Visa बनेगा नीरव मोदी का सुरक्षा कवच, मुश्किल होगा उसे भारत लेकर आना

इसे पाने के लिए मोदी ने ब्रिटेन में किया है अरबों का निवेश

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नई दिल्ली.

भारत के भगोड़े डायमंड कारोबारी नीरव मोदी की आज लंदन की कोर्ट में पेशी है। यहां उसकी जमानत की अर्जी पर सुनवाई होगी। लंदन के कानून के हिसाब से कहा जाए तो नीरव मोदी को जमानत मिलने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके पास Golden Visa है। यह वीजा उसके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। इसे वहां get-out-of-jail-free-card भी कहा जाता है। यह वहां की सरकार द्वारा जारी किया गया Tier-1 यानी सबसे ऊंचे ओहदे का वीजा है जो इंवेस्टर्स को दिया जाता है। इस वीजा को पाने के लिए नीरव मोदी ने ब्रिटेन में भारी-भरकम निवेश किया है।

 

क्या है Golden Visa

गोल्डन वीजा ऐसे इंवेस्टर्स को दिया जाता है जो यूरोपियन यूनियन के बाहर के होते हैं और जो वहां की सरकार के बॉन्ड्स में या वहां की किसी कंपनी के शेयर्स में 20 लाख पौंड (26.48 लाख डॉलर) का निवेश करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीरव मोदी को यह वीजा उसके भारतीय पासपोर्ट पर इश्यू किया गया है। इस वीजा के तहत कोई व्यक्ति ब्रिटेन में पढ़ाई कर सकता है, काम कर सकता है या फिर कोई बिजनेस सेट-अप कर सकता है। 20 लाख पौंड का यह निवेश पांच वर्ष तक के लिए लॉक हो जाता है। तब तक निवेशक ब्रिटेन की स्थायी नागरिकता पाने के योग्य होता है। हालांकि अगर निवेशक ने ज्यादा धन निवेश किया है तो उसे नागरिकता जल्दी भी मिल सकती है।

 

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कैसे मिलता है गोल्डन वीजा

-इसे पाने के लिए व्यक्ति को ब्रिटेन की सक्रिय और ट्रेडिंग रजिस्टर्ड कंपनी या ब्रिटिश सरकार के बॉन्ड्स में कम से कम 20 लाख पौंड (18 करोड़ रुपए) निवेश करना होता है।

-यह साबित करना होता है कि यह 18 करोड़ रुपए आपके पास कम से कम 90 दिनों से हैं। हालांकि वीजा के लिए अप्लाई करने लिए इस रकम का इंवेस्टेड रहना जरूरी है।

-इस 18 करोड़ रुपए की रकम को इंवेस्ट करने के लिए आपका ब्रिटेन के एक सरकारी बैंक में खाता होना जरूरी है।

-यह खाता खुलवाने के लिए ब्रिटेन का पता होना चाहिए।

-Tier 1 इंवेस्टर्स वीजा पाने के लिए निवेशकों को अंग्रेजी आनी जरूरी नहीं है।

-इंवेस्टर्स दूसरे देशों से भी इस वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं और वीजा पाने के बाद अपने देश में ही बने रह सकते हैं। इस वीजा का इस्तेमाल ब्रिटेन में अाने-जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। या फिर अपने पासपोर्ट में एक ऑप्शन के तौर पर रखा जा सकता है।

-आवेदकों को ऐसे हर देश के लिए ओवरसीज क्रिमिनल रकॉर्ड सर्टिफिकेट देना जरूरी है, जहां वे लगातार या कुल मिलाकर 12 महीने या इससे ज्यादा समय तक रहे हैं। इसमें आवेदन से 10 साल पहले तक आवेदक जिन देशों में रहा है, वे शामिल होंगे।

-बायोमेट्रिक रेडिडेंस परमिट पाने के लिए वीजा सेंटर पर लिए गए फिंगरप्रिंट और फोटोग्राफ होना जरूरी है।

लंदन में हीरा कारोबार शुरू कर दिया था नीरव मोदी ने

नीरव मोदी 13 हजार 700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक है। वह देश के टॉप-100 रईसों में शामिल हैं। बताया जाता है कि नीरव मोदी को फायदा पहुंचाने के लिए पीएनबी के अधिकारियों ने गलत तरीकों का इस्‍तेमाल किया। फिलहाल वह लंदन में रह रहा है। उसे भगोड़ा करार दे दिया गया है। गौरतलब है कि ब्रिटेन के एक अखबार ने नीरव मोदी के लंदन के वेस्ट एन्ड इलाके में 80 लाख पाउंड के आलीशान अपार्टमेंट में रहने और नये सिरे से हीरा कारोबार शुरू करने की जानकारी दी थी।

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