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नमोऐप के डाटा को नहीं बेचा, क्‍लेवरटैप ने किया क्लियर

अमेरिकी एनालिटिक्‍स कंपनी ने कहा है कि उसने डाटा को न तो बेचा, न किराये पर दिया और ना ही रि-मार्केट किया।

NaMo app controversy

वाशिंगटन। बिना यूजर्स की सहमति लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑफिशियल मोबाइल ऐप से पर्सनल डाटा हासिल करने का आरोप झेल रही अमेरिकी एनालिटिक्‍स कंपनी ने कहा है कि उसने डाटा को न तो बेचा, न किराये पर दिया और ना ही रि-मार्केट किया। 

 

 

ईमेल में दी जानकारी 
कैलिफोर्निया बेस्‍ड कंपनी के को-फाउंडर आनंद जैन ने कहा कि क्‍लेवरटेप इम्‍प्‍लॉयज स्‍टोर डाटा को एक्‍सेस नहीं करते।  एक ईमेल के जवाब में जैन ने यह रिप्‍लाई किया। इस ईमेल में पूछा गया था कि क्‍या उनकी कंपनी ने नमो ऐप से यूजर्स की पर्सनल इंफोर्मेशन एक्‍सेस की थी। 

 

क्‍या है आरोप 
लगभग पांच साल पुराने इस यूएस बेस्‍ड स्‍टार्ट अप को तीन भारतीयों ने शुरू किया था, जिन पर एक छद्म रिसर्चर ने आरोप लगाया कि बिना यूजर्स की सहमति के बिना कंपनी द्वारा नियंत्रित सर्वर से मोदी ऐप में नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर, डिवाइस की जानकारी, स्थान जैसी पर्सनल इंर्फोमेशन की पंपिंग की जा रही है। इस रिसर्चर का आरोप है कि क्‍लेवरटैप द्वारा इस डाटा ट्रांसफर से फायदा उठाया जा रहा है। 

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