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पनीर-कार-मोबाइल नहीं खरीद पाएंगे पाकिस्तानी, इम्पोर्ट पर रोक की तैयारी

आर्थिक बदहाली के शिकार पाकिस्तान का चालू खाते का घाटा बढ़ा

Pakistan economy : Pakistan Prime Minister Imran Khan

नई दिल्ली. आर्थिक बदहाली का सामना कर रही पाकिस्तान की इमरान सरकार पनीर, कार व स्मार्ट फोन के इम्पोर्ट पर रोक लगा सकती है। बढ़ते चालू घाटे को रोकने के लिए यह फैसला लिए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान की पहल पर बने इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया गया है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पर जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

 


बढ़ रहा है चालू खाते का घाटा

दरअसल, पाकिस्तान के चालू खाते का घाटा लगातार बढ़ रहा है और पाकिस्तान के गिरते एक्सपोर्ट और बढ़ते इंपोर्ट की वजह से वहां डॉलर की कमी हो गई है और इससे लोकल करंसी पर दबाव बन रहा है। पाकिस्तान का चालू खाते का घाटा जून 30 तक 43 प्रतिशत बढ़कर 18 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। इस वजह से उसे अपनी करंसी का अवमूल्यन भी करना पड़ा था।

 


क्यों लिया फैसला

अनुमान लगाया जा रहा था कि चालू खाते के घाटे को कम करने के लिए पीएम बनते ही इमरान खान से IMF से बेलआउट पैकेज की मांग करेंगे। पाकिस्तान इससे पहले 14 बार (1980 से अबतक) बेलआउट पैकेज ले चुका है। लेकिन बेलआउट पैकेज की बजाय इमरान सरकार द्वारा आयात घटाने पर विचार कर सबको चौँका दिया है।

 


कितनी होगी बचत

इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग में मौजूद यूनिवर्सिटी प्रोफेसर अशफाक हसन ने बताया कि मीटिंग में पनीर, कार, सेलफोन्स और कुछ फलों के इंपोर्ट पर एक साल तक के बैन लगाने पर बात हुई। माना जा रहा है कि इससे करीब 4-5 बिलियन डॉलर बच सकते हैं। इसी बीच एक्सपोर्ट को 2 बिलियन डॉलर और बढ़ाने का विचार है।

 

 

मांगना ठीक नहीं

प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान ने साफ किया कि उन्हें दूसरों पर निर्भर रहने की आदत ठीक नहीं लगती। इस वजह से EAC की मीटिंग का मुख्य उद्देश्य बेलआउट पैकेज से बचने की राह तलाशना था।

 


चीन की मदद लेने को तैयार

पाकिस्तान के वित्त मंत्री इससे पहले यह भी कह चुके हैं कि जरूरत पड़ने पर वह मित्र देश (चीन और सऊदी अरब) से मदद के सकते हैं और IMF आखिरी ऑप्शन होगा।

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