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पाकिस्तान दे रहा है आतंकियों को पनाह, अमेरिका ने रोकी 2130 करोड़ रु. की मदद

पाकिस्तान में हाल ही में बनी इमरान खान की नई सरकार को अमेरिका ने पहला बड़ा झटका दिया है।

Pakistan is giving shelter to terrorists America has stopped Rs 2130 crore help
वॉशिंगटन. पाकिस्तान में हाल ही में बनी इमरान खान की नई सरकार को अमेरिका ने पहला बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी ने यह कहते हुए पाकिस्तान को दी जानेवाली 30 करोड़ डॉलर (2130 करोड़ रुपये से ज्यादा) की मदद को रद्द कर दिया कि पाकिस्तान आतंकियों पर सख्त कार्रवाई  करने में नाकाम रहा है। अमेरिका की ओर से इस सहायता राशि को कोएलिशन सपोर्ट फंड (सीएसएफ) नाम दिया गया था। 
 
अमेरिका 17 साल से लड़ रहा है 
 
ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि बीते 17 साल से अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ अमेरिका की अगुआई वाली सेनाएं युद्ध लड़ रही हैं और पाकिस्तान आतंकियों का सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। एक अमेरिकी अफसर के मुताबिक, "अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा था कि अगर पाक आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करता है तो उसे 300 मिलियन डॉलर का सीएसएफ दिया जा सकता है। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।'' 
 
पाक को नहीं मिले 5680 करोड़ रुपए
 
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता ले.कर्नल क्रोन फॉकनर ने कहा कि इस साल की शुरुआत में भी अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली 500 मिलियन डॉलर की सहायता रद्द कर दी थी। कुल मिलाकर अमेरिका ने 5680 करोड़ रुपए की सहायता राशि रद्द कर चुका है। अमेरिका ने पाकिस्तान को मदद न देने का फैसला उस वक्त किया है जब विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और मिलिट्री अफसर जोसेफ डनफोर्ड सितंबर में इस्लामाबाद जाने वाले हैं। 
 
अमेरिका पर दबाव 
 
एक अमेरिकी थिंक टैंक स्टिमसन सेंटर के मुताबिक, पाक को मदद न देने का फैसला दिखाता है कि अमेरिका, इस्लामाबाद पर दबाव बढ़ाना चाहता है। हालांकि पाक ने अभी तक आतंकियों पर कार्रवाई को लेकर वैसा रवैया नहीं दिखाया जैसा अमेरिका चाहता है। दोनों देशों के सैन्य संबंधों में आ रही गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने पाक अफसरों के सैन्य और शैक्षणिक कार्यक्रम में भी कटौती कर दी। उधर, लगातार कम हो रहे विदेशी मुद्रा भंडार के चलते पाक ने फैसला लिया कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) या चीन जैसे अपने मित्र देशों से बेलआउट पैकेज लेगा। इमरान खान ने पहले कहा था कि अमेरिका को पाक के आसमान से ड्रोन हमले बंद करने चाहिए। चुनाव जीतने के बाद अपनी पहली स्पीच में इमरान ने कहा कि वे वॉशिंगटन से ऐसे रिश्ते चाहते हैं कि दोनों देशों का फायदा हो। 

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