विज्ञापन
Home » Economy » InternationalPulwama Attack : Govt notify Sale of Enemy Share Order 2019

नापाक पाकिस्तान पर मोदी सरकार का आर्थिक हमला, Enemy Share बेचकर 3000 करोड़ की होगी कमाई

केंद्र सरकार ने जारी किया Sale of Enemy Share Order

1 of


 

नई दिल्ली. पुलवामा (Pulwama)  हमले के बाद पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ मोदी सरकार ने एक और कार्रवाई की है। सोमवार को केंद्र सरकार ने शत्रु संपत्ति अधिनियम (Enemy Property Act) के तहत 3000 करोड़ रुपए के Enemy Share बेचने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी, जो शेयर्स की कीमत तय करेगी। ये शेयर भारत-पाक विभाजन के वक्त पाकिस्तान जा चुके लोगों के हैं। 

 

कौन होगा कमेटी में 
गृह मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि इस कमेटी में वित्त सचिव, गृह सचिव, वित्त विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री, लीगल अफेयर्स के ज्वाइंट सेक्रेट्री, कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेट्री से उच्च पद के अधिकारी, गृह मंत्रालय के फाइनेंशियल एडवाइजर, वित्त विभाग के फाइनेंशियल एडवाइजर के अलावा शत्रु संपत्ति के कस्टोडियन आदि शामिल होंगे। 

 

क्या हैं शत्रु संपत्ति 
आपको बता दें कि शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के अनुसार शत्रु संपत्ति का मतलब उस संपत्ति से है, जिसका मालिकाना हक या प्रबंधन ऐसे लोगों के पास था, जो बंटवारे के समय भारत से चले गए थे। सरकार का यह फैसला काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब दशकों से बेकार पड़ी शत्रु संपत्ति को बेचा जा सकेगा। 

 

मोदी सरकार ने बनाया कानून 
शत्रु संपत्ति को लेकर सरकार ने हाल ही में एक कानून बनाया है। हालांकि मौजूदा प्रस्ताव शेयर्स को लेकर है और ऐसी बड़ी संपत्तियों में से एक का मालिकाना हक लखनऊ में राजा महमूदाबाद के पास था। उनके उत्तराधिकारियों ने इस कदम को आगे बढ़ाया। 

 

6.50 लाख शेयर बेच सकेगी सरकार 
20,323 शेयरधारकों के 996 कंपनियों में कुल 6,50,75,877 शेयर सीईपीआई (कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया) के कब्जे में है। इनमें से 588 ही फंक्शनल या ऐक्टिव कंपनियां हैं। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इन 996 कंपनियों में से 588 सक्रिय, 139 कंपनियां सूचीबद्ध हैं और शेष कंपनियां गैरसूचीबद्ध हैं। आपको बता दें कि मौजूदा कानून विपक्ष की आपत्ति के बाद संसद में लटक गया था और इसे अध्यादेश के तौर पर आगे बढ़ाया गया। 

वेलफेयर पर होगा खर्च 
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने पिछले दिनों कहा था , 'दशकों से निष्क्रिय पड़ी शत्रु चल संपत्ति को अब बेचा जा सकेगा। सेल से हुई आय का इस्तेमाल कल्याण कार्यक्रमों में होगा।' सरकार के इस कदम से केंद्र के विनिवेश प्रोग्राम को बढ़ावा मिलेगा, जो इस साल अब तक सुस्त रहा है जबकि इसका लक्ष्य 80,000 करोड़ रुपये है। इस वित्त वर्ष में 7 महीने पहले ही पूरे हो चुके हैं और सरकार अबतक 10,000 करोड़ रुपये ही जुटा सकी है। अब सरकार टारगेट को पूरा करने के लिए बायबैक पर ध्यान दे रही है, जो कुल वित्तीय घाटे के टारगेट को बरकरार रखने के लिए महत्वपूर्ण है। 

विनिवेश का लक्ष्य पूरा 

शत्रु संपत्ति के शेयर्स की बिक्री से मिले धन का इस्‍तेमाल विकास और समाज कल्‍याण के कार्यक्रमों में किया जा सकता है। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस प्रकार की संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि उसी रूप से रखी जाएगी जैसा कि विनिवेश राशि के मामले में होता है। इसकी देखरेख वित्त मंत्रालय करता है। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम या DIPAM) को शेयरों की बिक्री के लिए अधिकृत किया गया है। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन