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चीन से बढ़ते इंपोर्ट पर सरकार गंभीर, संसदीय समिति को सौंपी जांच

भारतीय इंडस्‍ट्री में चीन की गुड्स के बढ़ते प्रभाव को लेकर सरकार अब एक्‍शन के मूड में है।

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नई दिल्‍ली।  भारतीय इंडस्‍ट्री में चीन की गुड्स के बढ़ते प्रभाव को लेकर सरकार अब एक्‍शन के मूड में है। सरकार की ओर से इसके प्रभाव की जांच के लिए एक कमिटी गठित की गई है। इस कमिटी की अगुवाई राज्‍यसभा सांसद नरेश गुजराल करेंगे। सरकार की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ताजा आंकड़ों में भारत और चीन के बीच कारोबार बढ़ने की खबर आई है। हाल ही में आए आंकड़ों के मुताबिक दोनों देशों के बीच बीते एक साल में 19 फीसदी तक का कारोबार बढ़ा है। 

 

आम लोग भी दे सकेंगे अपने विचार 

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्लियामेंट्री स्‍टैंडिंग कमिटी भारतीय इंडस्‍ट्री में चीन के गुड्स के असर की जांच करेगी। इस कमिटी की अगुवाई राज्‍यसभा सांसद नरेश गुजराल करेंगे। इस मुद्दे पर आम लोग भी अपने विचार दे सकेंगे। बयान में कहा गया कि 15 दिनों के भीतर लोगों से टिप्‍पणी मांगी गई है। यह टिप्पणी राज्य सभा की वेबसाइट पर सब्‍मिट की जा सकती है।

 

 

एक साल में 19% बढ़ा कारोबार 

बता दें कि भारत और चीन के बीच बीते एक साल में कारोबार करीब 19% बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है । हाल ही में आए बाइलैटरल ट्रेड के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में भारत से चीने में एक्सपोर्ट 39% बढ़ा, जो अब 1 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। वहीं, इस दौरान भारत के इंपोर्ट भी 14.5% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। खास बात ये है कि दोनों देशों के बीच डोकलाम विवाद, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर और एनएसजी जैसे मतभेदों का असर ट्रेड पर नहीं पड़ा।

 

 

पहली बार इतनी ऊंचाई पर पहुंचा कारोबार

चाइनीज जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम के आंकड़ों की मानें तो पिछले साल भारत और चीन के बीच कारोबार कारोबार में रिकॉर्ड तेजी आई। इसमें करीब 19% की ग्रोथ दर्ज की गई। पहली बार दोनों देशों के बीच 5.5 लाख करोड़ रुपए (84.44 बिलियन डॉलर) का कारोबार हुआ है। 2016 में ये 4.62 लाख करोड़ रुपए (71.18 बिलियन डॉलर) था।

 

 

भारत के एक्सपोर्ट और इंपोर्ट बढ़ोत्तरी

2017 में भारत से चीने में एक्सपोर्ट 39 फीसदी बढ़कर 1 लाख करोड़ से ज्यादा (16.34 बिलियन डॉलर) पहुंच गया। वहीं, इस दौरान भारत में पोर्ट भी 14.5% बढ़कर 4.4 लाख करोड़ से ज्यादा (68.10 बिलियन डॉलर) हो गया।

 

 

ट्रेड डेफिसिट 3.36 लाख करोड़ से ज्यादा  

ट्रेड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद भी भारत का ट्रेड डेफिसिट (कारोबारी घाटा) ऊंचाई पर बना हुआ है। पिछले साल यह 8.5 फीसदी बढ़कर 3.36 लाख करोड़ (51.75 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो गया। इसे कम करने के लिए भारत लगातार चीन पर दबाव बना रहा है कि फार्मा और आईटी सेक्टर को भी इंडियन फर्म्स के लिए खोल दिया जाए।

 

 

भारत-चीन के बीच इन मुद्दों पर रहा तनाव 

- बता दें कि दोनों देशों के बीच पिछले साल में कई मसलों को लेकर तनाव बना रहा। इसमें डोकलाम विवाद, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर, एनएसजी में एंट्री को लेकर चीन का अड़ंगा लगाना, आतंकी मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ खड़ा होना शामिल हैं। 

 

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