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पड़ोसी देशों और SCO रीजन से संपर्क बढ़ाना भारत की प्राथमि‍कता: मोदी

चीन के क्विंगदाओ शहर में चल रहा है शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समि‍ट।

Connectivity with neighbourhood and in SCO region Indias priority modi china SCO
क्विंगदाओ. चीन के क्विंगदाओ शहर में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दूसरे दि‍न रवि‍वार को पीएम मोदी ने कहा कि‍ भारत की प्राथमि‍कता पड़ोसी देशों और एससीओ रीजन के देशों के साथ कनेक्‍टि‍वि‍टी बढ़ाने की बात कही। पीएम मोदी ने प्लेनरी सेशन में कहा कि भारत में केवल 6% पर्यटक ही एससीओ देशों से आते हैं। इसे आसानी से दोगुना कि‍या जा सकता है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनि‍‍‍‍‍वार (9 जून) को चीन पहुंचे थे। 
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट के दूसरे दिन वेलकम सेरेमनी में हिस्सा लेने पहुंचे और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिले। जिनपिंग ने सत्र से पहले बाकी नेताओं को भोज भी दिया। 
 
मोदी ने दि‍या SECURE के कॉन्‍सेप्‍ट 
पीएम मोदी ने समि‍ट में बोलते हुए कहा कि‍ SECURE के कॉन्‍सेप्‍ट पर बात करते हुए कहा कि‍ 'S' फॉर सि‍क्‍योरि‍टी, 'E' का मतलब इकोनॉमि‍क डेवलपमेंट है, 'C' फॉर कनेक्‍टि‍वि‍टी, वहीं, 'U' fका मतलब यूनि‍टी है। जबकि‍ 'R' से रेस्‍पेक्‍ट यापी संप्रभुता और अखंडता का सम्मान बनता है। इसके  अलावा 'E का मतलब उन्‍होंने पर्यावरण की रक्षा बताया।  
 
SCO से होगा नाटो का काउंटर 
यह पहली बार है जब भारतीय प्रधानमंत्री एससीओ समि‍ट में भाग ले रहे हैं। वहीं, भारत के बाद पाकिस्तान भी इसमें के पूर्ण सदस्य बन गया हैं। एससीओ में संयुक्त रूप से चीन और रूस का प्रभुत्व है। ऐसे में इसे नाटो के काउंटर के रूप में देखा जा रहा है। 
 
अफगानिस्तान आतंक के प्रभाव का दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण 
- मोदी ने प्लेनरी सेशन में कहा, "अफगानिस्तान आतंक के प्रभाव का एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है।' उन्‍होंने यह भी कहा कि‍ अफगान राष्‍ट्रपति‍ द्वारा उठाए गए शांति‍ के कदमों के लि‍ए वे सम्‍मान के हकदार हैं। 
- "हम भारत में एससीओ का एक फूड फेस्टिवल और बुद्ध फेस्टिवल आयोजित करेंगे। हम फिर एक मंच पर पहुंचे हैं जहां भौतिक और डिजिटल संपर्क भौगोलिक परिभाषा को बदल रहा है। इसलिए एससीओ क्षेत्र में पड़ोसियों से संपर्क हमारी प्राथमिकता है।'
 
चीन के साथ हुए दो अहम समझौते 
- इससे पहले शनिवार को ही मोदी ने शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी। पिछले दो महीनों में ये दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। दोनों देशों के बीच ब्रह्मपुत्र और खेती को लेकर दो अहम समझौते हुए हैं। करार के तहत चीन ब्रह्मपुत्र का पानी छोड़ने से पहले भारत को सूचना देगा। 
इसके अलावा चीन ने भारत से बासमती के अलावा दूसरे किस्म के चावल खरीदने पर भी सहमति जताई है। 
 
व्यापार को 2020 तक 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्‍य 
भारत से गैर-बासमती चावल के आयात के करार के साथ चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार को 2020 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का प्रयास करने का सुझाव दिया। यह बात बात प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति के बीच हुई एक बैठक के दौरान हुई। मोदी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति के साथ उनकी आज की बातचीत दोनों देशों की मित्रता को और बल देगी।
 
2019 में भारत की यात्रा करेंगे जिनपिंग
- विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि जिनपिंग ने मोदी आमंत्रण स्वीकार किया है। वे 2019 में भारत आएंगे।
- गोखले के मुताबिक, "जिनपिंग ने इस समिट को काफी सकारात्मक बताया। उन्होंने हमारे द्विपक्षीय संबंधों में इस समिट को नई शुरुआत करार दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्ते के लिए मील का पत्थर बताया।"
- उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पीपुल टू पीपुल तंत्र बनाया जाएगा। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय इसकी अगुआई करेगा। वहीं, चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी इसकी देखरेख करेंगे। इसकी पहली बैठक इसी साल होगी।
- द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पुरानी मुलाकातों का एलबम मोदी को दिखाया।

 

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