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अमेरिकी धमकी से नहीं डरा ईरान, भारत को दे दिया बड़ा ऑफर

सऊदी के दुश्मन देश ने एशिया के लिए चला 14 रु का दांव

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तेहरान. ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने की तारीख नजदीक आने के साथ ही उसकी बड़े देशों को कच्चे तेल की बिक्री भले ही थमती दिख रही है, लेकिन यह सऊदी अरब का कट्टर दुश्मन देश बिल्कुल भी हार मानने के मूड में नहीं दिख रहा है। अब उसने खरीददारों को ज्यादा से ज्यादा तेल खरीदने के लिए बड़ा ऑफर दिया है। गल्फ टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सरकारी कंपनी नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने नवंबर में भारत सहित एशिया को निर्यात किए जाने वाले तेल की कीमतों में खासी कटौती कर दी है।  

 

 

4 नवंबर से लागू होंगे प्रतिबंध

भले ही कम कीमतें खरीददारों को आकर्षित कर सकती हैं, लेकिन उनके सामने अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते अमेरिकन फाइनेंशियल सिस्टम से अलग होने का खतरा पैदा हो जाएगा। बता दें कि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध 4 नवंबर से लागू होने जा रहे हैं। इसके चलते जापान, साउथ कोरिया और भारत सहित कई बड़े कस्टमर देशों ने ओपेक के तीसरे बड़े प्रोड्यूसर से तेल की खरीद पूरी तरह रोक दी है।

 

 

14 रुपए प्रति बैरल सस्ते क्रूड का दिया ऑफर

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनआईओसी नवंबर के लिए एशियाई देशों को प्रति बैरल क्रूड के लिए 30 सेंट (14 रुपए) कम का ऑफर दिया है। वहीं यह ऑफर सऊदी अरब की कंपनी सऊदी अरामको द्वारा बेचे जाने वाले अरब लाइट क्रूड के समान क्वालिटी वाली तेल के लिए दिया गया है।

वहीं 'सऊदी अरब मीडियम' के समान क्वालिटी वाले ईरानियन हेवी और फोरोजन जैसे हैवी ग्रेड्स के लिए भी कीमतों में कमी की गई है। उधर ईरान की तरफ से कम निर्यात की आशंकाओं के चलते तेल की कीमतें बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं।

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ईरान का तेल निर्यात ढाई साल के निचले स्तर पर

भले ही अभी तक प्रतिबंध लागू नहीं हुए हैं, लेकिन ईरान से तेल का निर्यात घटकर सितंबर में ढाई साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित शिप ट्रेकिंग डाटा के मुताबिक पिछले महीने की तुलना में ईरान से तेल की शिपमेंट 2.62 लाख बैरल घटकर 17.2 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रह गई है।

सऊदी अरब जैसे ओपेक प्रोड्यूसर्स और रूस सहित उसके सहयोगी देश सप्लाई में अंतर को पाटने के लिए अपनी प्रोडक्शन क्षमताएं बढ़ा सकते हैं।

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ईरान के लिए दूसरा बड़ा खरीददार है भारत

चीन के बाद भारत, ईरान के लिए तेल का दूसरा बड़ा खरीददार है। भारत नवंबर में ईरान से 90 लाख बैरल तेल खरीदेगा। वह अमेरिका द्वारा दोबारा लगाए गए प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता, लेकिन अमेरिकी फाइनेंशियल सिस्टम तक पहुंच पाने के लिए प्रतिबंधों से राहत पाना जरूरी है।

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